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बैंकों में नकदी की कमी, बाहर कतार, संकट बरकरार

Fri, 18 Nov 2016 01:58 AM IST
Amar Ujala, Aligarh
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बैंकों में नकदी की कमी, बाहर कतार, संकट बरकरार - फोटो : Rupesh
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बैंकों में नगदी की कमी के कारण आम आदमी का संकट अभी भी बरकरार है। 9 वें दिन भी प्रमुख बैंकों में नोट बदलने एवं जमा करने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही और घंटों इंतजार के बाद काम हुआ। हालांकि तुलनात्मक रूप से पुराने नोट जमा करने वालों की संख्या में गुरुवार को गिरावट दर्ज की गई है।
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इसके साथ ही नोट बदलने बैंक पहुंचने वाले लोगों की भी संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। इससे बैंककर्मी कुछ राहत महसूस कर रहे हैं। 
8 नवंबर को रात्रि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 1000 एवं 500 के नोट बंद करने की घोषणा की गई थी। उसके अगले दिन यानी 9 नवंबर को बैंक बंद रहे। एटीएम कहने को 10 नवंबर तक बंद रहे, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अभी भी जनपद के 90 प्रतिशत से अधिक एटीएम खाली हैं।
पिछले दो दिन से महानगर के कुछ एटीएम में पैसा डाले जाने से स्थिति में मामूली सुधार हुआ है, हालांकि पब्लिक की परेशानी अभी भी कम नहीं हुई है। अब तक किए गए इंतजाम ऊंट में मुंह में जीरा के समान है। बैंकों में नगदी की कमी है। इसकी वजह से कई बैंक शाखाओं में नोट बदलने या पैसा निकालने जा रहे लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है।
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गुरुवार को जनपद की लीड बैंक (केनरा बैंक) में करीब 25 करोड़ जमा हुए और 2 करोड़ रुपये बदले गए। यह राशि पिछले दिनों की तुलना में 50 प्रतिशत के आसपास है। केनरा बैंक के सहायक महाप्रबंधक मो. आरिफ ने बताया कि विकास भवन स्थित एटीएम शुक्रवार से 24 घंटे खुले रहेंगे। कल शाम तक एटीएम में दो हजार के नोट पहुंच जाने की उम्मीद है।
ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त्त में करीब 40 करोड़ रुपये जमा एवं 2.69 लाख रुपये बदले गए। नगदी के अभाव में जनपद के 73 शाखाओं से बड़ी संख्या में लोगों को वापस लौटना पड़ा। एसबीआई मुख्य शाखा के वरिष्ठ प्रबंधक देवदत्त शर्मा ने बताया कि गुरुवार को 2.40 करोड़ रुपये के पुराने नोट जमा किए गए और 21 लाख रुपये बदले गए।
पीएनबी मुख्य शाखा के वरिष्ठ प्रबंधक सोमपाल सिंह ने बताया कि उनके यहां करीब 80 लाख रुपये का भुगतान किया गया। इसमें पुराने नोट बदलने की राशि भी शामिल है। उन्होंने कहा कि रुपये बदलने वालों की भीड़ के कारण नियमित ग्राहकों को बहुत परेशानी हो रही है।
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