अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) के मापदंड स्वीकार लिए हैं। इसके बाद एएमयू के स्कूलों में भी अब नियुक्तियां और परीक्षाएं केवीएम के मापदंडों के अनुसार होंगीं। आने वाले समय में एएमयू के स्कूलों में और बड़ा बदलाव देखा जा सकता है। एबीके यूनियन स्कूल की फंडिंग भी केवीएस मापदंड के अनुसार होने लगी है।
अब तक एएमयू के स्कूलों में नियुक्तियां और परीक्षाएं विवि के अपने नियमों के अनुसार ही होती रही हैं। एएमयू का शैक्षणिक स्तर ऊंचा उठाने के लिए स्कूलों को बेहतर बनाना जरूरी है। एएमयू कुलपति जमीरउद्दीन शाह बार-बार यह कहते रहे हैं।
इसके चलते एएमयू में स्कूल शिक्षा निदेशालय की स्थापना की गई और प्रो. मो. गुलरेज इसके निदेशक बनाए गए। अब एएमयू ने केंद्रीय विद्यालय संगठन के मापदंडों को स्वीकारना तय किया है। सोमवार को एसटीएस हाईस्कूल, एएमयू गर्ल्स हाईस्कूल, एएमयू सिटी हाईस्कूल के नाम से ‘हाई’ शब्द भी हटा दिया गया।
पहले एएमयू के सीनियर सेकेंडरी स्कूल ब्वायज एवं सीनियर सेकेंडरी स्कूल गर्ल्स में 11 वीं एवं 12 वीं की पढ़ाई होती थी। बाद में एसटीएस हाईस्कूल, एएमयू गर्ल्स हाईस्कूल एवं एएमयू सिटी हाईस्कूल में भी इसकी पढ़ाई होने लगी। परीक्षा के रिपोर्ट कार्ड पर हाईस्कूल अंकित होने से भ्रम की स्थिति उत्पन्न होने लगी थी।
एएमयू स्कूल शिक्षा निदेशक प्रो. एम गुलरेज ने बताया कि 11वीं एवं 12वीं की रिपोर्ट कार्ड में हाईस्कूल का नाम आने से भ्रम होता था। इसलिए हाई शब्द को ड्राप कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि एएमयू बोर्ड केंद्रीय विद्यालय संगठन से पंजीकृत हो गया है। पिछले महीने पुणे में आयोजित बैठक में पहली बार एएमयू शामिल हुआ।