अभी दो बदमाशों के एनकाउंटर हुए थे। एक बदमाश ने एक बहनजी के कुंडल उतरवा लिए थे। पांच दिन के अंदर उनका एनकाउंटर करके अल्लाह मियां के पास भेज दिया हमने, मालूम है कि नहीं मालूम है, आपको। कभी ऐसा देखा था कि एक चोर को सजा मौत की मिली हो। ये है योगी-मोदी सरकार। कोल विधायक अनिल पाराशर का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
एक सभा में लोगों को संबोधित करते हुए विधायक ने अतरौली में हुए एनकाउंटर को एक बड़ी कामयाबी बताया। उनकी यह वीडियो ऐसे समय में सामने आई है जब जिला मजिस्ट्रेट अलीगढ़ अविनाश कुमार के आदेश पर मुठभेड़ मजिस्ट्रियल जांच शुरू हुई है। दरअसल बुलंदशहर निवासी मोमीन और हापुड़ निवासी रजा मोहम्मद 24 मई की शाम हुई पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए। दोनों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अतरौली लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
ये बदमाश अलीगढ़ के अलग-अलग देहात में महिलाओं से लूट को अंजाम दे रहे थे। विधायक अनिल पाराशर ने वीडियो की पुष्टि करते हुए कहा कि उनके बयान को गलत संदर्भ में न लिया जाए, क्योंकि उन्होंने यह बात किसी जाति, धर्म या संप्रदाय को लेकर नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देने वाले अपराधियों के संबंध में कही थी।
मुठभेड़ में मारे गए दो इनामी बदमाशों की मजिस्ट्रियल जांच शुरू
अलीगढ़ जिला मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार के आदेश पर अलीगढ़ पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद दम तोड़ने वाले दो इनामी बदमाशों के मामले की मजिस्ट्रियल जांच शुरू हो गई है। जांच अधिकारी एवं अपर नगर मजिस्ट्रेट (द्वितीय) दिग्विजय सिंह ने इस संबंध में सार्वजनिक सूचना जारी कर दी है।
24 मई की शाम पुलिस मुठभेड़ के दौरान बुलंदशहर निवासी मोमीन और हापुड़ निवासी रजा मोहम्मद उर्फ रजुआ घायल हो गए थे। दोनों को पुलिस अभिरक्षा में उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अतरौली ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जांच अधिकारी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस घटना से जुड़ा कोई बयान, तथ्य या दस्तावेजी साक्ष्य है तो वह 10 जून तक किसी भी कार्यदिवस में सुबह 10 से शाम 5 बजे के बीच नई कलेक्ट्रेट बिल्डिंग के कक्ष संख्या 40 में उपस्थित होकर अपनी गवाही दर्ज करा सकता है।