शहीद -ए- आजम भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु के शहादत दिवस 23 मार्च को संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर लाखों किसान दिल्ली के बार्डरों पर जुटेंगे। कार्यक्रम में शामिल होने के लिये अलीगढ़ से सोमवार (आज) शहीदी यादगार किसान यात्रा पलवल के लिए रवाना होगी। दोपहर 12 बजे अंबेडकर पार्क से यात्रा शुरू होगी। वाहन रैली के रूप में किसान पहले शहीद भगत सिंह की कर्मस्थली शादीपुर गांव पहुंचेंगे। यहां आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इसके बाद किसानों का जत्था 23 मार्च को सुबह दस बजे पलवल धरना स्थल के लिए रवाना होगा।
यात्रा के दौरान नगलिया, कन्होई, गभाना व चंडौस में जनसभाओं का आयोजन होगा। जनसभाओं में किसान शहीदों की साझी शहादत, साझी विरासत को याद करते हुए नफरती ताकतों को देश से उखाड़ फेंकने का प्रण लेंगे। साथ ही तीनों कृषि कानूनों के विरोध में हुंकार भरेंगे। कार्यक्रम को लेकर शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में गांव सिरावली में किसान पंचायत का आयोजन हुआ। पंचायत में बेरोजगार मजदूर किसान यूनियन के प्रवक्ता प्रो. अशोक प्रकाश ने तीनों कृषि कानूनों की जानकारी देते हुए कहा कि तीनों कानून जनविरोधी हैं। अखिल भारतीय किसान सभा के इदरीश मोहम्मद का कहना था कि जब तक सरकार हठधर्मिता नहीं छोड़ेगी और किसान की मांगे नहीं मानेगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के चौधरी नवाब सिंह ने कहा कि किसान आंदोलन सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं बल्कि व्यवस्था परिवर्तन की लड़ाई है। मकसद पूंजीवादी व्यवस्था को ध्वस्त कर शोषण विहीन समाज बनाना है। मोर्चा के संयोजक शशिकांत ने पंचायत में किसानों से यात्रा में शामिल होने की अपील की। पंचायत की अध्यक्षता ध्यानपाल सिंह व संचालन प्रमोद वर्मा ने किया।