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अपहरण : सुहाग की खातिर जब लक्ष्मी लेकर खुद दौड़ी लक्ष्मी

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व्यवसायी सुरेन्द्र जिंदल की पत्नी लक्ष्मी। - फोटो : IGLASS
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शिवओउम शर्मा
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फर्नेश कारोबारी के साथ जो हुआ, वो कभी किसी के साथ न हो। मगर उम्र के इस पड़ाव पर जीवन जी रहीं उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी ने जो किया, वह भी उनकी हिम्मत को सलाम करने लायक किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं। पति के अपहरण और फिरौती मांगे जाने की खबर जब बदमाशों ने उनके मोबाइल पर दी तो उन्होंने बिना समय गवाएं सूझ-बूझ का परिचय देते हुए पहले तो बदमाशों ने रकम घटाने की मनुहार की। फिर 6 लाख रुपये का इंतजाम कर अपने नौकर संग स्कूटी पर सवार होकर चल दीं। जब तक उन्होंने अपने पति को सकुशल छुड़ा नहीं लिया, तब तक कानों कान किसी को खबर नहीं होने दी और बेटे या रिश्तेदारों तक को नहीं बताया। उनके मन में एक ही डर था कि कहीं किसी तरह से पुलिस तक भनक पहुंच गई तो उनके सुहाग के साथ कोई अनहोनी न हो जाए? कुल मिलाकर उनकी इस हिम्मत भरी कहानी को सुन खुद पुलिस वाले भी हैरान थे।
फर्नेश कारोबारी को पहचानते नहीं थे बदमाश, देखी आईडी
इस घटनाक्रम की शुरुआत कुछ ऐसे हुई कि जब बदमाशों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर कारोबारी को वारंटों का हवाला देकर थाने चलने के लिए धमकाया तो उन्होंने पहले बदमाशों से मुकदमा या वारंट संबंधी कागज दिखाने की पेशकश की। मगर बदमाश नहीं माने और उनकी गाड़ी में बैठकर जब चल दिए तो उनसे बातचीत में उनका नाम पूछा। इस पर कारोबारी ने अपना कोई फेक नाम बताते हुए खुद को फैक्टरी का मैनेजर बताया। इस पर बदमाशों को लगा कि हमने कोई गलती तो नहीं कर दी तो बदमाशों ने उनसे मारपीट कर उनकी आईडी देखी। जब वह संतुष्ट हो गए कि सही आदमी को उठाया है तो इगलास कोतवाली निकलने के बाद उनकी पत्नी को उनके मोबाइल से करीब नौ बजे पहली कॉल की। इस दौरान स्कार्पियो में दो बदमाश लगातार कभी उनके आगे कभी उनके पीछे चलते रहे।
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फिरौती की रकम घटाने में भी दिखाई महिला ने चालाकी
पति के मोबाइल से जब अपने घर शीशियापाड़ा स्थित घर पर मौजूद कारोबारी की पत्नी रति उर्फ लक्ष्मी देवी के मोबाइल पर पहली कॉल आई तो उन्होंने पहले बदमाशों को कुछ इस तरह से अपनी माली हालत की दलील दी कि उनके पास इस समय रुपयों का इंतजाम नहीं है। यह भी बताया कि उनके पति शुगर व हार्ट रोगी हैं। बेटा भी कोरोना संक्रमित हो गया था। लॉकडाउन में व्यापार ठप हो गया था। इसलिए कुछ तो रहम करो। इसके चलते बदमाश फिरौती में 20 से दस लाख रुपये पर आ गए। दो-तीन बार की बातचीत में उन्होंने बदमाशों को यह समझा लिया कि किसी रिश्तेदार से मांगने पर मात्र 5 लाख रुपये मिले हैं। वह उन्हीं रुपयों को लेकर आ रही हैं। उन्होंने एक लाख रुपये अपने पर्स में अलग से रख लिए।
पुलिस से बचने को पांच बार बदली लोकेशन
इसके बाद वह अपने नौकर संग स्कूटी पर घर से निकलीं तो बदमाशों ने उन्हें इगलास क्षेत्र में पांच अलग-अलग ठिकानों पर बुलाया। बदमाश यह देखना चाह रहे थे कि कहीं पुलिस पीछे तो नहीं है। इस दौरान करीब आधा दर्जन बार बदमाशों ने कारोबारी के फोन से ही महिला के मोबाइल पर कॉल किया और जब महिला ने उन्हें संतुष्ट कर दिया कि पुलिस क्या किसी अन्य को भी नहीं बताया। तब जाकर बदमाश संतुष्ट हुए और कारोबारी को उनकी कार सहित हाथरस रोड पर लेकर पहुंचे। जहां रुपयों के आदान प्रदान के बाद करीब साढ़े पांच घंटे बाद कारोबारी को छोड़ा गया। इतना ही नहीं, खुद को पुलिस से काफी दूर पहुंचाने के इरादे से बदमाश उनकी गाड़ी में ड्राइवर को ले गए और काफी आगे जाकर मुरसान रोड पर बदमाश उतरे। तब ड्राइवर को वापस भेजा गया।
पांच घंटे तक अलीगढ़-हाथरस जिले में घूमते रहे बदमाश
सबसे खास बात है कि अपहरण की घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश कारोबारी को कार में लेकर कभी इगलास से मुरसान रोड और कभी मुरसान से सादाबाद रोड और कभी सादाबाद से हाथरस होते हुए हाथरस इगलास रोड पर घूमते रहे। इस दौरान कारोबारी को गन प्वाइंट पर रखे रखा। एक दो बार मारपीट भी की तो कारोबारी ने कहा कि वह हार्ट व शुगर रोगी हैं। तबियत भी बिगड़ सकती है। इसके बाद मारपीट नहीं की। मगर इस पिटाई से उनके चेहरे पर खरोंच के निशान लगे हैं।
- अगर पत्नी हिम्मत से काम लेकर बदमाशों को फिरौती देकर मुक्त न कराती तो बदमाश मेरी हत्या भी कर सकते थे। मैं दिल का रोगी हूं। इसलिए बदमाशों के चंगुल में घबराहट हो रही थी। बमुश्किल उनके साथ समय बिताया।
-सुरेंद्र जिंदल, अपहृत कारोबारी
घर के चार लोग जुटे रहते हैं कारोबार में
सुरेंद्र जिंदल का इगलास में कारखाना है, जबकि घर के नीचे लोहा उत्पाद बेचने की दुकान है। वहीं तालानगरी में भी एक लोहे की चादर बनाने का कारखाना है। पिता, पुत्र मिलकर बाहर के काम संभालते हैं, जबकि पत्नी व बहू घर की दुकान चलाती हैं।
पुलिसिया स्टाइल में घटना, कोई पुलिसकर्मी शामिल तो नहीं
यह घटना पुलिसिया अंदाज में ही हुई है। इसे लेकर बदमाशों के पीछे लगी एसओजी/सर्विलांस टीम के जेहन में एक सवाल कौंध रहा है कि कहीं इस वारदात में कोई पुलिसकर्मी शामिल तो नहीं। इसे लेकर कारोबारी के घर के आसपास के सीसीटीवी भी खंगाले जा रहे हैं। देखा जा रहा है कि बदमाश कहीं घर से ही पीछे तो नहीं लगे।
हाथरस नंबर की स्कार्पियो चर्चाओं में
इस घटना में जो सफेद रंग की स्कार्पियो प्रयोग हुई है, उस पर हाथरस का नंबर यूपी 86 होना बताया जा रहा है। आगे का नंबर खुद कारोबारी को याद नहीं है। इसे लेकर हाथरस के बदमाशों को भी रडार पर लिया जा रहा है।
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एसपी देहात ने किया निरीक्षण, चार टीमें लगाईं
घटना की जानकारी के बाद पुलिस अधीक्षक देहात अतुल शर्मा ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के साथ ही लोगों से घटना के संबंध में पूछताछ भी की। इस रोड के सीसीटीवी व सर्विलांस के जरिये बदमाशों तक पहुंचकर घटना का अनावरण करने के निर्देश कोतवाल रामसिया मौर्य को दिये हैं। निरीक्षण के समय सीओ परशुराम सिंह व अधीनस्थ पुलिस कर्मी मौजूद रहे। इस दौरान बातचीत में उन्होंने बताया कि इस घटना के खुलासे में एसओजी/सर्विलांस और थाना पुलिस सहित 4 टीमें लगाई गई हैं।
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