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बच्ची अपहरणः शातिर महिला द्वारा छोड़े बैग में मिले फोटो, तलाश जारी

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रेलवे जंक्शन से एक साल की मासूम लक्ष्मी के अपहरण के मामले में जीआरपी और आरपीएफ की टीमों ने कई ठिकानों पर मंगलवार रात को दबिश दी। हालांकि बच्ची का सुराग नहीं लगा। मगर, इस मामले में जांच टीमों को शातिर महिला द्वारा छोड़े बैग से एक अहम सुराग मिला है। बैग से एक पुुरुष और एक महिला का पासपोर्ट साइज फोटो मिला है।
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अपह्त बच्ची की मां ने फोटो में दिख रही महिला को ही अपहरणकर्ता बताया है। हालांकि जांच टीमें अभी भी संदेह की स्थिति में है। फिर भी एहतियातन फोटो को जोन स्तर पर जारी कर सभी जिलों में अलर्ट जारी कर महिला की तलाशी को निर्देश दिए हैं। जीआरपी और आरपीएफ की टीमों के इस घटना ने होश उड़ा दिए हैं।
बुधवार को जनपद में पिछले दिनों हुई बच्चा चोरी, अपहरण की वारदातों में शामिल अपराधियों का रिकार्ड खंगाला जा रहा है। उनकी वर्तमान स्थिति का पता लगाया जा रहा है। मंगलवार रात को पुलिस को कुछ स्थानों पर बच्ची के होने के इनपुट मिले तो टीमों ने ताबड़तोड़ दबिश मारी।
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मगर, सफलता हाथ नहीं लगी। गुरुवार को जीआरपी और आरपीएफ और आरपीएफ क्राइम ब्रांच की टीम बच्ची की तलाश में आसपास के जिलों में दबिश देने की तैयारी में है।
मेरी लाडो भूखी होगी, साहब उसे वापस ला दो
लक्ष्मी के अपहरण के बाद से उसकी दिव्यांग मां मालती बदहवाश हालत में है। मंगलवार के बाद बुधवार का दिन भी मालती और उसके पति झम्मन ने स्टेशन पर ही बच्ची की तलाश करते हुए गुजारी। बुधवार की दोपहर को महिला जीआरपी थाने पर पहुंची तो थाने पर मौजूद स्टाफ के सामने महिला के आंसू छलक उठे। महिला रुंधे गले से बच्ची को याद करते हुए जीआरपी के सामने कहने लगी कि साहब मेरी लाडो भूखी होगी उसे जल्दी वापस ला दो। उसे अपने आंचल से दूध पिलाकर अपने सीने से लगाना है।
प्लेटफार्म सात बना अपराधियों का अड्डा, अधिकारी मूंदे बैठे आंख
प्लेटफार्म नंबर सात एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। आमतौर पर यह प्लेटफार्म जेब कतरों, चोरों, लुटेरों का अड्डा बना रहता है। यहां यात्रियों के साथ लूट, चोरी होना कोई नई बात नहीं है। मगर, इसका अधिकारियों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। इलाहाबाद मंडल में बैठे अधिकारियों का यहां की समस्याओं की ओर ध्यान नहीं है। कई बार स्थानीय अधिकारियों ने यहां सीसीटीवी कैमरों को लेकर पत्र जारी किया है। इसके बाद भी यहां सीसीटीवी कैमरों को लगाने की मंजूरी नहीं दी गई है। इतना ही नहीं यहां से अवैध रूप से माल ढुलाई का कारोबार भी जोरों से हो रहा है। इसकी खबर पिछले ही दिनों एक ट्विटर हैंडल से रेलवे बोर्ड के संज्ञान में लाई गई थी। इसके बाद भी अधिकारी खामोश रहे। भविष्य में इस बात का फायदा उठाकर यहां कोई भी अपराधी असामाजिक गतिविधि को बड़े स्तर पर अंजाम देकर आसानी से फरार हो सकता है।
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