अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज में शनिवार को जेब काटने के आरोप में रंगे हाथ पकड़े गए मां-बेटा गाजियाबाद से अगवा कर लाए बच्चे को जेब काटने की ट्रेनिंग दे रहे थे। तीन दिन पहले अगवा बच्चे ने खुद पुलिस के सामने भेद खोला। वह उसे सूखा नशा कराकर ट्रेनिंग दे रहे थे। पुलिस ने बच्चे को माता-पिता को सौंप दिया है। जबकि आरोपी मां-बेटा को अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेजा गया है।
ये घटनाक्रम शनिवार का है। जेएन मेडिकल कॉलेज परिसर में जेब काटने के आरोप में हरदुआगंज मोहल्ला गुड़िहाई के शिवम उर्फ शिवा व उसकी मां ममता को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान उनके साथ आठ वर्ष का एक बच्चा भी था। उस बच्चे ने वहां पकड़े जाने पर बताया कि उसे ये दोनों गाजियाबाद डासना के वेबसिटी कल्लूगढ़ी इलाके से अगवा करके लाए हैं। उसे सूखा नशा कराया जा रहा है और मेडिकल कॉलेज में घूम-घूमकर भीड़ के बीच लोगों की जेब से पर्स निकालने की ट्रेनिंग दी जा रही है। वहीं से उस बच्चे ने पूछताछ कर रहे एक व्यक्ति के मोबाइल से अपने पिता को फोन किया। बाद में पुलिस के आने पर पूरा वाकया बताया। सीओ तृतीय सर्वम सिंह के अनुसार मामले में बच्चे व माता-पिता के बयान के बाद बच्चा उन्हें सौंप दिया गया, जबकि दोनों आरोपी मां-बेटे जेल भेज दिए गए।
परिवार समझ रहा था मेले में होगा बच्चा
शनिवार रात में यहां पहुंचे बच्चे के माता-पिता ने बताया कि उनके इलाके में एक माह का मेला लगा हुआ है। जहां बच्चे की खाला ने दुकान लगा रखी है। अक्सर बच्चा मेले में अपनी खाला की दुकान पर रुक जाता था। तीन दिन पहले बच्चा गायब हो गया। उन्हें तब से यही लग रहा था कि वह अपनी खाला के पास दुकान पर होगा। यह उनका इकलौता बेटा है। इससे छोटी एक बेटी है। आरोपी शिवम व ममता ने बताया कि वे पूर्व में डासना इलाके में रहते थे। अब उसी मेले में से तीन दिन पहले बच्चे को लालच देकर अगवा कर लाए थे और नशा देकर अपने पास रखे हुए थे।
पेशेवर जेबकतरा है शिवम, खंगाला जा रहा रिकॉर्ड
पुलिस पूछताछ में उजागर हुआ कि शिवम व उसकी मां जेब काटने के पेशेवर अपराधी हैं। इसी तरह वे मेले व भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जेब काटते हैं। उन्होंने बच्चे को अगवा कर प्लान बनाया था कि इसे ट्रेनिंग देकर वे जेब कटवाएंगे और अपने पास ही रखेंगे। अब पुलिस उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाल रही है। यह भी देखा जा रहा है कि कोई अन्य बच्चा उन्होंने अगवा तो नहीं किया। इधर, बच्चे के अपहरण के आरोप में रविवार को दोनों को जेल भेज दिया गया। वहीं बाल कल्याण समिति के समक्ष पेशी के बाद बच्चा मां-बाप को सौंप दिया।ं