सासनी गेट पर कूड़े के ढेर से अटा पड़ा नाला।
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नगर निगम शहर में जगह-जगह नाला सफाई करवाने का दम भर रहा है, लेकिन हकीकत इसके विपरीत है। खिरनीगेट से सासनीगेट होकर निकले नाले की तलाझाड़ सफाई दूर, ऊपर एकत्रित कचरे तक को नहीं हटाया गया है। ऐसे में पिछले वर्षों की तरह बरसात में जलभराव के साथ गंदगी सड़कों पर बहने की आशंका से शहरवासी चिंतित हैं। वहीं नाले में पड़े पशुओं के शवों से उठती दुर्गंध लोगों को बेचैन किए हुए है।
खिरनीगेट से सासनीगेट की तरफ जा रहा यह नाला जगह-जगह टूटा हुआ भी है। सफाई न होने से नाले के ऊपर गंदगी साफ नजर आ रही है। खुला होने से नाले में जानवर गिर जाते हैं। रात में गिरने वाले पशुओं पर लोगों की नजर नहीं पड़ती, जिससे उनकी मौत हो जाती है। इसके बाद इन पशुओं का शव सड़ने के साथ दुर्गंध उठने लगती है। मजबूरी में स्थानीय लोग चंदा अथवा अन्य व्यवस्था कर उनका शव उठवाकर दूर फिंकवाते हैं।
इस नाले के आसपास कई कोचिंग सेंटर भी हैं। दुर्गंध की वजह से कोचिंग सेंटरों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
-नाले की साफ सफाई की स्थिति काफी खराब है। नाला खुला होने से अक्सर कुत्ते गिरकर उसी में मर जाते हैं, जिससे दुर्गंध आती रहती है। मजबूरन स्वयं ही मरे कुत्तों को उठवाना पड़ता है। बारिश में स्थित और भी बदतर हो जाती है। -सोनू राज सक्सेना, सासनीगेट।
-नगर निगम नाला सफाई का श्रेय लेता रहता है, लेकिन जहां नाला खुला पड़ा है, वहां अभी तक सफाई नहीं हुई है। बारिश में नाला उफान पर आता है तो सड़कों पर गंदगी आ जाती है, जो काफी परेशानी का सबब बनती है। -राजू कौशिक, सासनीगेट।
-कई बार कहने के बावजूद नाले की सफाई नहीं हुई। बारिश में नाला उफनाने पर हजारों स्थानीय निवासी व राहगीर परेशान होंगे। कीचड़ में होकर गुजरना पड़ेगा। गलियों तक जलभराव हो जाता है। -हफीज अब्बासी, पार्षद वार्ड नंबर 55, सासनीगेट।