निबंधन पंजीकरण के निजीकरण के विरोध में 25 दिनों से बंद चल रहा खैर तहसील का निबंधन कार्य शुक्रवार से शुरू हो गया। पहले ही दिन कार्यालय में 120 दस्तावेजों का पंजीकरण (रजिस्ट्री) हुआ। इससे प्रदेश सरकार को करीब 89.47 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
लंबे समय बाद काम शुरू होने से निबंधन कार्यालय और तहसील परिसर में पूरे दिन चहल-पहल रही। चार जून को निजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं ने बैठक कर नौ जून से निबंधन कार्यालय सहित तहसील के अन्य कार्यों का बहिष्कार शुरू कर दिया था। इस दौरान कई चरणों में प्रदर्शन कर सरकार से निर्णय वापस लेने की मांग की गई। संघर्ष के बाद आईजी स्टांप नेहा शर्मा द्वारा पूर्व में जारी पत्र वापस लेने पर अधिवक्ताओं ने आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया। बृहस्पतिवार को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शीशपाल शर्मा, विनोद शर्मा और संघर्ष समिति के अध्यक्ष बृजवासी लाल सारस्वत ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की थी। शुक्रवार को कार्य शुरू होते ही लंबित दस्तावेजों का पंजीकरण भी किया गया।