उत्तराखंड के सितारगंज में सोनू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। बमनपुरी तिराहे के पास उनका शव दो फीट तक पानी भरे प्लॉट में उतराता मिला था। वह वर्ष 2011 में सशस्त्र सीमा बल में भर्ती हुए थे।
एसएसबी कर्मी सोनू (35) के शव का बृहस्पतिवार को उनके खैर क्षेत्र अंतर्गत गांव पीपल में अंतिम संस्कार किया गया। एसएसबी के दरोगा वीरेंद्र सिंह के साथ 16 कर्मी पार्थिव शरीर के साथ गांव पहुंचे थे, जिन्होंने अंतिम सलामी दी।
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बुधवार को उत्तराखंड के सितारगंज में सोनू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। बमनपुरी तिराहे के पास उनका शव दो फीट तक पानी भरे प्लॉट में उतराता मिला था। वह वर्ष 2011 में सशस्त्र सीमा बल में भर्ती हुए थे और 57वीं वाहिनी सितारगंज में तैनात थे। सोनू अपने चार भाइयों में सबसे बड़े थे। वह अपने पीछे पत्नी और दो बेटियों सहित परिजन को रोता छोड़ गए हैं।