अलीगढ़ जिले की खैर विधानसभा सीट एक बार फिर प्रदेश की राजनीति के केंद्र में है। चर्चा है कि खैर विधायक सुरेंद्र दिलेर को उत्तर प्रदेश सरकार के आगामी मंत्रिमंडल विस्तार में मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। यदि ऐसा होता है, तो खैर विधानसभा क्षेत्र के इतिहास में यह चौथा अवसर होगा जब यहां का कोई जनप्रतिनिधि मंत्रालय संभालेगा।
1957 में पहली बार खैर (तब बरौली और खैर एक ही क्षेत्र थे) से मोहन लाल गौतम कैबिनेट मंत्री बने थे। इसके बाद 1962 में खैर और बरौली के अलग-अलग विधानसभा हो गए। इसके 18 साल इंतजार के बाद 1980 में चौधरी शिवराज सिंह ने प्रदेश सरकार में पशुपालन मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। साढ़े तीन दशक के लंबे अंतराल के बाद 2017 में भाजपा सरकार आने पर अनूप प्रधान खैर से विधायक चुने गए और उन्हें राजस्व राज्य मंत्री बनाया गया।
क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश
वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में सुरेंद्र दिलेर का कद और उनकी लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें मंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। उनके मंत्री बनने से न केवल क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है, बल्कि खैर विधानसभा के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ जाएगी।
सुरेंद्र दिलेर के मंत्री बनने की चर्चा मात्र से खैर क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दिलेर को कैबिनेट में शामिल कर सरकार क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को भी साधने का प्रयास करेगी। अब सबकी नजरें आगामी शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं।