मौके पर दोनों पक्षों के लोग और पुलिस कर्मी
- फोटो : स्थानीय निवासी
खैर के रामश्यामपुरम कॉलोनी के पीछे सैयद बाबा मजार की जमीन पर बुजुर्ग महिला का शव दफनाने को लेकर बृहस्पतिवार को दो पक्ष आमने-सामने आ गए। सूचना पर पुलिस कर्मी पहुंच गए। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद कब्र की खोदाई रुकवा दी गई। परिजन ने शव तकिया मोहल्ला के कब्रिस्तान में ले जाकर दफन किया।
कस्बे के पैंठ मैदान निवासी नवाब की भाभी हबीबन (90) का बृहस्पतिवार की रात रात निधन हो गया था। शुक्रवार को परिजन उनका शव लेकर रामश्यामपुरम कॉलोनी के पीछे स्थित सैयद बाबा मजार की जमीन पर पहुंचे। शव दफन करने के लिए कब्र खोदने का काम शुरू हो गया। इसी बीच कॉलोनी के लोग पहुंच गए। विरोध जताते हुए कहा कि करीब 20 वर्षों से वह कॉलोनी में रह रहे हैं। तब से इस जगह पर किसी शव को दफन नहीं किया गया।
प्रधान लोकमन और विजेंद्र सिंह आदि ने सूचना दी तो उपनिरीक्षक ऋषिपाल कसाना सहित पुलिस कर्मी पहुंच गए। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद पुलिस कर्मियों ने जमीन के संबंध में 24 अक्तूबर को एसडीएम के समक्ष अपना-अपना पक्ष रखने और तब तक शांति व्यवस्था बनाए रखने की बात कही। मौके पर मौजूद हाफिज सगीर खान, सलीम, राशिद, जहीरुद्दीन आदि ने सहमति जताई और खोदी गई कब्र बंद करा दी। इसके बाद देर शाम हबीबन के शव को तकिया मोहल्ला स्थित कब्रिस्तान में परिजन ने दफन कर दिया।
मजार में इबादत करने में नहीं कोई आपत्ति
मौके पर मौजूद महिलाओं और शिकायतकर्ताओं का कहना था कि कॉलोनी के गाटा संख्या 1132/2 में सैयद बाबा की पुरानी मजार है। मजार में इबादत करने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इस गाटा संख्या तक पहुंचने का रास्ता नदी के किनारे से है। उसी रास्ते का लोग उपयोग करें। कॉलोनी की ओर से मजार की ओर न जाएं।
सूचना पर पुलिस कर्मी मौके पर भेजे गए थे। विवाद के कारण महिला के शव का अंतिम संस्कार दूसरे कब्रिस्तान में करा दिया गया है। फिलहाल मौके पर शांति व्यवस्था कायम है। राजस्व विभाग से समन्वय स्थापित कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।-अभिषेक पटेल, सीओ