आयकर विभाग द्वारा आजादी अमृत महोत्सव पर कवि सम्मेलन को संबोधित करते कवि हरीश बेताब।
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आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत आयकर विभाग द्वारा मैरिस रोड स्थित पाम ट्री के सभागार में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें विभागीय एवं स्थानीय कवियों ने एक से बढ़कर एक कविता एवं शायरी पेश कर श्रोताओं को देर रात तक बांधे रहे।
युवा गीतकार डॉ. दौलत राम शर्मा ने ‘गूंगा बन कर कहना सीखो, बहरे बनकर सुनना, बिना पंखों के उड़ना सीखो और दीपक सा जलना’ सुनाकर श्रोताओं की वाहवाही लूटी। आयकर अधिकारी सुरेश नांगरू ने अपनी कविता ‘अपनी अपनी महबूबा को रिझाने का सबका अलग तरीका है..’ सुनाकर गुदगुदाया। व्यंगकार अशोक अंजुम ने कहा कि ‘वक्त ने सवाल किए हम जवाब दे आए, दिन में जो भी देखे थे सारे ख्वाब दे आए, आप ध्यान से सुनना बात इस दीवाने की, क्या पता कि बात कोई इंकलाब ले आए।’ कवि हरीश बेताब ने ‘..जंग छिड़ी तो नक्शे पर फिर पाकिस्तान नहीं होगा’ सुनाकर श्रोताओं में जोश भर दिया। इससे पूर्व प्रधान आयकर आयुक्त अशोक कुमार सरोहा ने मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश पश्चिमी एवं उत्तराखंड के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त शिशिर झा सहित अन्य अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम को सेवानिवृत्त मुख्य आयकर आयुक्त एसएम अशरफ, डॉ. मुजीब शहजर, भारती शर्मा, सुधांशु गोस्वामी, सुनील बाजपेयी, संतोष कुमार, राजेश कुमार आदि ने कार्यक्रम को संबोधित किया। संचालन रंजन सैनी ने किया।