भाजपा की राज्य सभा सांसद कांता कर्दम एवं जदयू बिहार के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का कोर्ट सदस्य बन गए हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा राज्य सभा के दोनो सांसदों को एएमयू कोर्ट का सदस्य नामित किया गया है।
कांता कर्दम के कोर्ट सदस्य बनने से एक बार फिर एएमयू में अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़े वर्ग को आरक्षण नहीं मिलने का मामला उछलने की आशंका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष प्रो. रामशंकर कठेरिया एवं स्थानीय सांसद सतीश कुमार गौतम इस मुद्दे को बार-बार उछालते रहे हैं। वशिष्ठ नारायण सिंह बिहार जदयू के अध्यक्ष हैं।
चंद रोज पहले एएमयू छात्र संघ के पूर्व सचिव एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहम्मद अली फातमी लालू प्रसाद की पार्टी राजद छोड़कर जदयू में शामिल हुए हैं। वशिष्ठ नारायण सिंह ने ही उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। अलीग बिरादरी के लोग उम्मीद जता रहे हैं कि वशिष्ठ नारायण सिंह एएमयू के हितों का ध्यान रखेंगे। मंगलवार को राज्य सभा में तीन तलाक बिल का विरोध कर भी वशिष्ठ नारायण सिंह चर्चा में हैं।