कनक के पिता महेश पाल सिंह भूमिहीन हैं, जो कि ट्रक चलाते हैं, जबकि मां मीनू देवी घरेलू महिला हैं। महेश पाल सिंह के तीन बच्चों में कनक सबसे बड़ी है, उससे छोटा भाई इंदर और सबसे छोटी बहन तनवी है। भाई और बहन शारीरिक रूप से एकदम स्वस्थ हैं।
शूटिंग, एथलेटिक्स और टेबल टेनिस के बाद चुना बैडमिंटन
कनक ने बताया कि उसका लक्ष्य खेलों के माध्यम से अपनी पहचान बनाना था, लेकिन शुरुआती दिनों में किस खेल का चुनाव करे ये समझ में नहीं आया। सबसे पहले एथलेटिक्स को चुना और उसमें 2019 में यूपी स्टेट पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 100 मीटर में दूसरा स्थान प्राप्त कर सिल्वर मेडल जीता। इसके बाद पंजाब में हुई राइफल शूटिंग में गोल्ड मेडल जीतकर जनपद का नाम रोशन किया।
पैराओलंपिक में खेलकर देश के लिए पदक लाने की है तमन्ना
कनक ने कहा है कि मेरा सपना है कि पैरालंपिक, पैरा एशिया चैंपियनशिप और वर्ल्ड कप में खेल कर भारत के लिए पदक जीत सकूं। इसके लिए मैं लगातार अभ्यास करूंगी।
अमर उजाला ने लौटाई थी कनक के चेहरे पर मुस्कान
वर्ष 2020 में भुवनेश्वर (उड़ीसा) में होने वाले 4 वें राष्ट्रीय पैरा बैडमिंशनशिप में आर्थिक तंगी के चलते जब कनक को वहां जाना मुश्किल लगने लगा तो अमर उजाला ने अपराजिता.100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत 12 मार्च 2020 के अंक में आर्थिक तंगी ने कनक के खेलने का रास्ता किया तंग, शीर्षक से खबर प्रकाशित की जिसके बाद कनक की मदद करने वालों की लाइन लग गई और कनक के भुवनेश्वर जाने का रास्ता साफ हो गया।