पश्चिमी उत्तर प्रदेश माहेश्वरी सभा के चुनाव में दोबारा अध्यक्ष का ताज कमलेंद्र माहेश्वरी (मुजफ्फरनगर) के सिर पर सजा है, जबकि प्रदेश मंत्री पद पर सुभाष बाहेती (बिल्सी, बदायूं) विजयी रहे। बाकी पदों पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए।
बृहस्पतिवार को जीटी रोड स्थित जंक्शन फंक्शन में मुख्य चुनाव अधिकारी राकेश मोहता और चुनाव पर्यवेक्षक विनीता बियानी (दिल्ली) की देखरेख में अध्यक्ष और मंत्री पद के लिए चुनाव हुआ। माहेश्वरी समाज के 195 में से 156 मतदाताओं ने मत डाले। शाम को मतगणना शुरू हुई। अध्यक्ष पद पर कमलेंद्र माहेश्वरी (मुजफ्फरनगर) ने अपने ही शहर के निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांति राठी को 56 मतों से शिकस्त दी। कमलेंद्र को 105 मत और कांति को 49 मत मिले थे। दो मत अवैध रहे।
मंत्री पद के लिए सुभाष बाहेती (बिल्सी, बदायूं) और तपन बिरला (कासगंज) आमने-सामने थे। सुभाष (115) ने तपन (38) को 77 मतों से हराया। दरअसल, इस पद पर कुल 155 मतदाताओं ने मत डाला, जिसमें दो मत अवैध रहे। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर अलीगढ़ जिलाध्यक्ष संजीव गोदानी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रदीप माहेश्वरी, उपाध्यक्ष अशोक माहेश्वरी, नरेंद्र माहेश्वरी, रघुवंश राठी, गिर्राज गोदानी, विनीत केला, अमन राठी आदि मौजूद रहे।
ये निर्विरोध निर्वाचित हुए
वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रमोद चंद केला (मेरठ), उपाध्यक्ष विनोद राठी (सहारनपुर), महेंद्र डागा (आगरा), सुरेंद्र केला (कासगंज), संगठन मंत्री अजय माहेश्वरी (मोदी नगर), कोषाध्यक्ष नवनीत माहेश्वरी (छर्रा, अलीगढ़), संयुक्त मंत्री अजय दीवान (मथुरा), गोपाल माहेश्वरी (गाजियाबाद) व मुकेश माहेश्वरी (कांठ, मुरादाबाद) निर्विरोध चुने गए।