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जहरीली शराब कांड: मानवाधिकार आयोग टीम 20 मार्च को आएगी, अवैध कब्जे पर चला बुलडोजर

Sun, 19 Mar 2023 01:49 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

जहरीली शराब कांड में अनिल-सुधीर सहित अन्य कई आरोपियों की संपत्तियों को पुलिस प्रशासन ने शासन के आदेश पर जब्त किया था। उस पर कुछ लोगों ने कब्जा कर मकान बना लिया था।
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अवैध कब्जे को हटाने पहुंचा बुलडोजर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जहरीली शराब कांड के घोषित शराब माफिया अनिल-सुधीर के परिवार की शिकायत पर एनएचआरसी की टीम सोमवार को जांच के लिए यहां आ रही है। इस टीम के आने की खबर के साथ शनिवार देर रात एसडीएम कोल-सीओ प्रथम की अगुवाई में पहुंची पुलिस-प्रशासनिक टीम ने जेसीबी से उस जमीन से कब्जा हटवा दिया, जिसे डीएम के आदेश पर गैंगेस्टर के तहत जब्त किया था और खैर इंस्पेक्टर को उस संपत्ति का रिसीवर बनाया गया था। इस जब्त संपत्ति पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया था।

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जहरीली शराब कांड में अनिल-सुधीर सहित अन्य कई आरोपियों की संपत्तियों को पुलिस प्रशासन ने शासन के आदेश पर जब्त किया था। इसी क्रम में अनिल सुधीर की रोरावर क्षेत्र के अलहदादपुर नींवरी क्षेत्र में संपत्ति जब्त की गई। इस संपत्ति का प्रशासक डीएम ने इंस्पेक्टर खैर को बनाया। सुधीर जब शराब कांड में जमानत पर छूटकर आया तो अप्रैल 2022 में उसके द्वारा डीएम को एक शिकायत दी गई। जिसमें आरोप लगाया कि उसके द्वारा खरीदी गई अलहदादपुर नीवरी में जिस भूमि को प्रशासन ने जब्त किया था। उस पर कुछ लोगों ने कब्जा कर मकान बना लिया है। सुधीर ने उसी समय रिसीवर इंस्पेक्टर की भूमिका पर सवाल खड़ा किया था।

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यह मुद्दा 28 अप्रैल 2022 के अंक में अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मगर उस समय पुलिस प्रशासन ने सुधीर की शिकायत की जांच की तो पाया कि सुधीर कुर्क संपत्ति गाटा संख्या 74 की 0.0100 हेक्टेयर भूमि के बजाय गाटा संख्या 76 में कब्जे का आरोप लगा रहा है।साथ में अहमद सईद नाम के व्यक्ति से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के उद्देश्य से शिकायत की है। इस पर सुधीर पर मुकदमा भी लिखा गया। इसके बाद मामले में सुधीर परिवार एनएचआरसी तक गया।


पिछले दिनों एनएचआरसी से सवाल जवाब होने पर पुलिस ने रिसीवर इंस्पेक्टर खैर की ओर से रोरावर में कब्जा करने के आरोपी शमशुद्दीन निवासी गोंडा रोड, शाहजमाल व उसके भाई जान मोहम्मद पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया। वहीं प्रशासन के स्तर से हुई जांच के बाद एसडीएम कोल ने 24 फरवरी को नायब तहसीलदार को संपत्ति से कब्जा हटाने और पूर्ववत स्थिति में लाने की जिम्मेदारी नियत की। मगर मामला टलता रहा।
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अब जब एनएचआरसी की टीम के आने की खबर आ गई है, तो शनिवार देर शाम एसडीएम कोल रविशंकर सिंह, सीओ प्रथम अभय कुमार पांडेय टीम के साथ मौके पर बुलडोजर लेकर पहुंचे। कुर्क संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा कर बनाई दुकानों को ध्वस्त कराया। इस दौरान जमीन पर कब्जेदार पक्ष भी पहुंच गया और उसने ऐतराज जताया। मगर प्रशासन ने उनकी बात अनसुनी कर दी। एसडीएम कोल रवि शंकर सिंह ने इस की कार्रवाई पुष्टि की है।

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