JN Medical College (File Photo)
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल (सामूहिक अवकाश पर जाने) से इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर की सेवाएं ठप पड़ गई हैं। उपचार नहीं मिलने के कारण दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। वहीं हाथरस के हसायन के एक मरीज की मौत आगरा ले जाते समय हुई।
सातवें वेतनमान को लेकर जेएन मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) के सदस्य सोमवार से सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। हड़ताल पर जाने के कारण सुबह आठ बजे से इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर की सेवाएं ठप पड़ गई है। सुबह में धौर्रा के चार वर्षीय मासूम अरशद को लेकर परिजन इमरजेंसी में पहुंचे। उसे डायरिया हुआ था और परिजन बाहर कहीं उपचार करा रहे थे। सीएमओ डॉ. एहतेशाम ने बताया कि अस्पताल में आने के पहले ही बच्चे की मृत्यु हो गई थी।
हरदुआ गांव की साढे़ तीन वर्ष की पायल पुत्री देवदत्त की मौत मेडिकल कॉलेज परिसर में हो गई। मृतक के ताऊ तेजवीर का कहना है कि तड़के 3.30 बजे उल्टी-दस्त से पीड़ित पायल को स्थानीय डॉक्टर से दिखाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्होंने अलीगढ़ जाने की सलाह दी। दीनदयाल अस्पताल में डॉक्टरों ने यह कहकर उपचार नहीं किया कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं।
वहीं, हाथरस के हसायन क्षेत्र के गांव बनवारी पुर निवासी धीरेश कुमार (45 वर्ष) पुत्र राजपाल सिंह की सोमवार को अचानक तबीयत खराब हो गई। उसका ब्लड प्रेशर एकाएक हाई हो गया। धीरेश कुमार को कस्बे के एक डाक्टर के यहां पर उपचार के लिए लेकर आए तो डाक्टर ने धीरेश कुमार को गंभीर हालत होने पर उपचार के लिए हाथरस भेज दिया। हाथरस में प्राइवेट डाक्टर हड़ताल पर थे। ऐसे में उसके परिजन कई अस्पतालों में गए, लेकिन वहां उसे इलाज नहीं मिला। गंभीर स्थिति होने के कारण धीरेश कुमार को उनके परिजन उपचार के लिए जब हाथरस से आगरा ले जा रहे थे। तभी रास्ते में उपचार के अभाव में हालत बिगड़ने पर सादाबाद के निकट मौत हो गई।