एएमयू में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर चल रहे धरना प्रदर्शन और आंदोलन को धार देने के लिए जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, दिल्ली के छात्र नेता गुरुवार को एएमयू पहुंचे और छात्रों में जोश भरा। इन्होंने छात्रों को बताया कि मजबूत आंदोलन के लिए धैर्य और एकता की जरूरत है।
गुरुवार को इंजीनियरिंग कॉलेज के सामने डक प्वाइंट पर जेएनयू के छात्र संघ की पूर्व उपाध्यक्ष सारिका चौधरी और छात्र संघ के काउंसलर अमृतराज पहुंचे। सारिका चौधरी ने छात्रों से कहा कि कानून की मूल भावना में ही भेदभाव है। अगर किसी पीड़ित व्यक्ति की सहायता करनी है तो उससे उसका धर्म नहीं पूछा जाना चाहिए। बल्कि, यह देखना चाहिए कि व्यक्ति का उत्पीड़न किस प्रकार हुआ है।
उन्होंने छात्रों से कहा कि भले ही लंबा आंदोलन चलाना पड़े लेकिन इस कानून को रद्द करवा कर ही दम लिया जाएगा। आज स्थिति यह हो गई है कि महिलाओं को भी सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। राजनीतिक पार्टियां कमजोर पड़ रही हैं। जिसके कारण छात्रों को मोर्चा संभालना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि वह छात्रों के साथ हैं और उनके आंदोलन को समर्थन करते हैं। जेएनयू के काउंसलर अमृतराज ने कहा कि इस समय जो हालात देश में बन रहे हैं, उससे अल्पसंख्यकों के मन और मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने घायल छात्रों के साथ खड़े होने की बात दोहराई और पुलिस बर्बरता की निंदा की। कहा कि इस स्थिति से केवल मुसलमान ही नहीं बल्कि अन्य समुदाय के लोग भी प्रभावित हुए हैं। इस अवसर पर सीनियर गर्ल्स मरियम, आरिबा, जैनब, सुमैया, आफरीन आदि मौजूद थीं।