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डॉक्टरों की हड़तालः इलाज के लिए तड़प रहे मरीज, चार दिन में 15 लोगों की मौत

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जेएन मेडिकल में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के बाद इमरजेंसी में उपचार न मिलने पर नन्नू सिंह निवासी - फोटो : CITY OFFICE
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जेएन मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी है। दुर्घटना या गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीज इमरजेंसी से तड़पते हुए वापस जा रहे हैं। अस्पताल में भर्ती एक बच्ची सहित पांच मरीजों की उपचार के दौरान मौत हो गई। चार दिन में मरने वालों की संख्या 15 से अधिक हो गई है। हालांकि चिकित्सक अस्पताल में भर्ती मरीजों की मौत को हड़ताल से जोड़ कर नहीं देख रहे हैं।
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बृहस्पतिवार को इमरजेंसी से गंभीर रूप से बीमार जयगंज निवासी टीकाराम को बिना उपचार वापस लौटा दिया गया। अतरौली हैवतपुर के दर्द से कराहते मरीज नन्नू सिंह को भी परिजन वापस लेकर चले गए। बेलोन के भानू प्रताप एवं धनीपुर की लक्ष्मी को भी वापस जाना पड़ा। इसी तरह गजौल वाड़ा के कमरून निशा एवं जरगवां चौडेरी के नवाब सिंह को वापस चले। सुबह से लेकर रात तक दर्जनों मरीजों को बिना उपचार दिये गेट से ही वापस लौटा दिया गया। मरीज एवं तीमारदार गम और गुस्सा के साथ वापस जा रहे हैं।
वह डॉक्टर, प्रशासन एवं सरकार को कोस रहे हैं। सीएमएस प्रो. एससी शर्मा और आरडीए नेताओं के बीच बातचीत भी हुई, जो बेनतीजा रही। प्रो. शर्मा का कहना है कि जूनियर डॉक्टरों को समझाने का प्रयास किया है। मरीजों की परेशानी को देखते हुए उन्हें वापस आ जाना चाहिए। आरडीए ने जीबीएम कर हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है। 21 जून को फिर उनकी जीबीएम है। आरडीए उपाध्यक्ष डॉ. हमजा का कहना है कि चार दिन गुजर जाने के बाद भी सरकार एवं एएमयू प्रशासन उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं है।

जेएन मेडिकल में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के बाद इमरजेंसी में उपचार न मिलने पर कमरून निशा निवासी - फोटो : CITY OFFICE

जेएन मेडिकल में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के बाद इमरजेंसी में उपचार न मिलने पर नवाब सिंह निवासी ज- फोटो : CITY OFFICE

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