जेएन मेडिकल कॉलेज में पिछले दिनों एएमयू छात्र नेता जैद शेरवानी व जूनियर डॉक्टर में हुआ विवाद लगातार तूल पकड़ रहा है। इसी क्रम में जैद शेरवानी ने जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ अदालत की शरण ली है और याचिका दायर करते हुए मुकदमा दर्ज कराने का अनुरोध किया है। याचिका में सीधे-सीधे आरोप लगाया है कि यह लोग अपने संगठन आरडीए की आड़ में गलत काम का विरोध करने वालों दबाव बनाते हैं और हड़ताल पर चले जाते हैं। खुद के साथ हुई घटना में भी इसी दबाव के चलते थाने में मुकदमा दर्ज नहीं हो पा रहा है। अदालत ने याचिका स्वीकारते हुए पुलिस से रिपोर्ट तलब कर अगली सुनवाई के लिए 24 तारीख नियत की है।
एएमयू के एमएसडब्ल्यू छात्र व पूर्व केबिनेट मेंबर जैद शेरवानी सीजेएम न्यायालय में दायर याचिका में कहा है कि जेएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों द्वारा संस्था आरडीए के जरिये गलत काम का विरोध करने वालों पर दबाव बनाने और फिर झूठी शिकायत करने, बात न माने जाने पर हड़ताल की धमकी देने और हड़ताल पर जाने का काम किया जाता रहा है। जैद के अनुसार वह खुद एएमयू छात्रसंघ में केबिनेट रहने के दौरान जूनियर डॉक्टरों के क्रियाकलापों का विरोध करते रहे हैं। इससे उनके खिलाफ हमेशा साजिश रची जाती है। 7 सितंबर की घटना में वह महिला के बुलाने पर वहां गए। आरोपी डॉक्टर ने देखते ही अभद्रता शुरू कर दी।
महिला को व उन्हें बाहर निकाल दिया। महिला संग छेड़खानी की। इसकी शिकायत महिला द्वारा किए जाने पर इन लोगों ने झूठी शिकायत कर दी। बाद में महिला को डरा धमकाकर उससे कोरे कागज पर अंगूठा लगवाकर जैद के खिलाफ पुलिस में शिकायत कर दी। वह महिला पुलिस को अपना यह बयान दे चुकी है कि उससे डॉक्टरों ने जबरन अंगूठा लिया था। अब डॉक्टर जैद पर कार्रवाई का दबाव बना रहे हैं। वह खुद पीड़ित है उसकी शिकायत थाना पुलिस द्वारा नहीं ली जा रही है। अत: प्रकरण में मुकदमा दर्ज किए जाने का अनुरोध किया गया है। इस याचिका में डॉ.मो.अजफर, आरडीए अध्यक्ष डॉ.हमजा मलिक, पूर्व अध्यक्ष डॉ.अब्दुल्ला आजमी और उनके साथी जूनियर डॉक्टर्स को आरोपी बनाया है।