अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में फार्मोकोलॉजी डिपार्टमेंट में दो डॉक्टरों को सप्लीमेंट्री परीक्षा में कम अंक दिए जाने की आशंका को लेकर रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। उधर विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है जो 2 दिन के अंदर मामले की रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपेगी।
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन को आशंका है कि उनके दो डॉक्टरों को जानबूझकर सप्लीमेंट्री परीक्षा में फेल किया जा रहा है। इसके पीछे विभागीय खींचतान को कारण बताया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। इसमें मेडिसिन संकाय के डीन, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और फार्मोकोलॉजी डिपार्टमेंट के चेयरमैन शामिल हैं।
आरडीए के अध्यक्ष डॉ. हमजा मलिक ने बताया कि विभाग के चेयरमैन ने विश्वविद्यालय प्रशासन को लिखित में दिया है कि जो सवाल डॉक्टरों से पूछे गए हैं, वह फार्मोकोलॉजी से संबंधित न होकर यूनानी मेडिसिन से हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि डॉक्टरों की परीक्षाएं लेने के संबंध में किस तरह मनमानी की जा रही है और जान पूछ कर उनको डिबार करने का प्रयास किया जा रहा है। डॉ. मलिक ने कहा कि वह बुधवार से भूख हड़ताल की भी योजना बना रहे हैं। अगर इस मामले का कोई हल नहीं निकला तो फिर हड़ताल भी की जा सकती है। डॉ. मलिक ने कहा कि इस पूरे प्रकरण को लेकर वह मंगलवार को विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार से भी मिले थे। जिन्होंने इस समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया है।