अलीगढ़। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए काउंट-डाउन शुरू हो गया है। मात्र पांच दिन शेष रह गए हैं। पुलिस-प्रशासनिक स्तर से भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। खरीद-फरोख्त, अपहरण या डराने-धमकाने जैसे संगीन आरोपों से बचने के लिए पुलिस ने जिले के 38 पंचायत सदस्यों को सुरक्षा मुहैया करा दी है।
यह निर्णय उन सदस्यों के लिए लिया गया, जिन्हें खुफिया रिपोर्ट में कमजोर माना गया। उनके संबंधित थानों से उन्हें सुरक्षाकर्मी मुहैया कराए गए हैं। इधर, देर रात तक इस मसले पर एसएसपी आवास पर मंत्रणा चलती रही।
निर्वाचन आयोग के स्तर से पिछले दिनों यह आदेश दिया गया था कि एक जनवरी को अध्यक्ष पद के लिए नामांकन होने के बाद जिला पंचायत सदस्यों को सुरक्षा मुहैया करा दी जाए। इस आदेश को आधार बनाकर जिला पुलिस के स्तर से ऐसे सदस्यों की सूची खुफिया रिपोर्ट के आधार पर तैयार कराई गई, जिनको सुरक्षा की जरूरत है।
ऐसे 38 सदस्य पाए गए, जो राजनीतिक रूप से कमजोर हैं या उन्हें आसानी से डराने धमकाने और अगवा करने का उपक्रम किया जा सकता है। बाकी के सदस्य या तो राजनीतिक या निजी रसूख से मजबूत हैं। या फिर वह ऐसे राजनीतिक या जनप्रतिनिधि घरानों से हैं, जिन पर पहले से सुरक्षा है। इसलिए उन्हें सुरक्षा न देने का निर्णय लिया गया है।
एसएसपी जे रविंदर गौड़ के अनुसार इन सभी को थाना प्रभारियों के स्तर से सुरक्षा के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इनमें से जिस सदस्य को सुरक्षा की जरूरत नहीं होगी या वह सुरक्षा वापस करेगा तो उससे लिखित में लिया जाएगा कि उसे पुलिस सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है। शनिवार शाम तक किसी सदस्य से वापसी की रिपोर्ट नहीं मिली थी।
इधर, देर रात समाचार लिखे जाने तक इसी सुरक्षा व चुनाव में कानून व्यवस्था बनी रहे। इसे लेकर एसएसपी आवास पर बैठक जारी थी। जिसमें यह फीडबैक भी लिया जा रहा था कि किसी सदस्य के स्तर से सुरक्षा वापसी की सूचना आई है या नहीं।