नोएडा की घटना के बाद प्राधिकरण और प्रशासन ने बेसमेंट में संचालित होने वाले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की थी। उस वक्त बारह अस्पताल भी ऐसे थे जिनकी ओपीडी या वार्ड बेसमेंट में थे। उस वक्ता दावा किया गया था कि इन सभी अस्पतालों को बंद करा दिया गया है। लेकिन कुछ दिन के बाद से ही यह अस्पताल फिर से शुरू हो गए थे। लेकिन अधिकारी फिर भी खामोश हैं। शायद इन्हें भी किसी बड़े हादसे का इंतजार है। बेसमेंट में अस्पताल नहीं चल सकते। यह सब सुरक्षा मानकों के खिलाफ है। लेकिन फिर भी अधिकारी आंखें मूंदे हैं। अब शायद इस बिंदु पर फिर से अधिकारी चेकिंग चेकिंग करेंगे।
15 नर्सिंग होम चल रहे तंग गलियों में, नहीं पहुंच सकतीं फायर ब्रिगेड
अलीगढ़ महानगर में 15 नर्सिंग होम ऐसे हैं जो तंग गलियों में चल रहे हैं। हादसा होने पर यहां फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी नहीं पहुंच सकती है। इससे साफ है कि यह अस्पताल सुरक्षा के मानकों को पूरा नहीं करते लेकिन फिर भी धड़ल्ले से इनका संचालन हो रहा है। अग्निशमन अधिकारी बन्ना देवी संजीव कुमार सिंह का कहना है कि इन अस्पतालों की रिपोर्ट सीएमओ को भी दे दी गई है। कई बार नोटिस भी जारी किए गए लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। तंग गलियों में चलने वाले अस्पताल ऊपरकोट, जीटी रोड, देहली गेट, खैर बाईपास, सासनी गेट और एटा चुंगी इलाके में हैं। कुछ अस्पताल तो ऐसी गलियों में चल रहे हैं कि वहां अगर एक साथ दो बाइक निकलने लगें तो टकरा जाएं।
जिन अस्पतालों के पास आग से लड़ने के संसाधन हैं वहां प्रशिक्षित स्टॉफ तक नहीं है। अग्निशमन यंत्र को कैसे चलाया जाए यह उन्हें पता ही नहीं होता है। आग लगने पर सबसे पहले क्या करें उन्हें बताया ही नहीं गया होता है। होना तो यह चाहिए कि बड़े संस्थानों में रेत भी होना चाहिए। इससे आसानी के साथ आग को काबू किया जा सकता है। लेकिन कई जगह से लड़ने के संशाधन ही नहीं होते।
सभी को नोटिस दिए जा रहे हैं
अलीगढ़ के एफएसओ संजीव कुमार सिंह का कहना है कि जिन अस्पतालों के पास एनओसी नहीं है उन सभी को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। अगर यह जल्द ही सुरक्षा के मानकों को पूरा नहीं करेंगे तो इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मानकों को पूरा न करने वाले अस्पतालों पर होगी कार्रवाई
सीएमओ डा. नीरज त्यागी का कहना है कि जिन अस्पतालों के पास फायर एनओसी नहीं है उन्होंने आवेदन कर रखा है। जल्द ही सारी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मानकों को चेक करने के चेकिंग करेगी। जो भी कमियां होंगी उन्हें पूरा कराया जाएगा।