एएमयू के 103 साल के इतिहास में पंडित नेहरू पहले शख्स हैं, जो प्रधानमंत्री होते हुए उनका दो बार एएमयू आना है। पहली बार 24 जनवरी 1948 में दीक्षांत समारोह में वह शामिल हुए। पंडित नेहरू ने भारतीय संस्कृति को बरकरार रखने और सांप्रदायिकता के जहर से बचने के बारे में ओजस्वी भाषण दिया था।
देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) से गहरा नाता था। वह दो बार एएमयू आए थे। उन्होंने यूनिवर्सिटी के 26वें दीक्षांत समारोह में ओजस्वी भाषण दिया था। पंडित नेहरू के नाम पर ही मेडिकल कॉलेज का नाम है। उनकी जयंती 14 नवंबर को है।
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एएमयू के 103 साल के इतिहास में पंडित नेहरू पहले शख्स हैं, जो प्रधानमंत्री होते हुए उनका दो बार एएमयू आना है। पहली बार 24 जनवरी 1948 में दीक्षांत समारोह में वह शामिल हुए। पंडित नेहरू ने भारतीय संस्कृति को बरकरार रखने और सांप्रदायिकता के जहर से बचने के बारे में ओजस्वी भाषण दिया था।
उन्हें डॉक्टर ऑफ लॉ की मानद उपाधि प्रदान की गई थी। इसके बाद वर्ष 1960 में प्रधानमंत्री पंडित नेहरू आए थे। उन्होंने मौलाना आजाद पुस्तकालय का उद्घाटन किया था। एएमयू के पूर्व जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राहत अबरार ने कहा कि सर सयैद डे पर पर पंडित नेहरू ने जमीन पर बैठकर दावत खाई थी। एएमयू इंतजामिया ने मेडिकल कॉलेज का नाम पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के नाम पर रखा।