क्वार्सी बाईपास स्थित ग्लोबज रेजीडेंसी के सामने 4 मार्च की देर शाम डॉक्टर की दुर्घटना में मौत नहीं हुई थी। डॉक्टर सैय्यद अली जहीर जैदी को इरादतन कार से टक्कर मारकर मौत के घाट उतारा गया था। पुलिस ने परिवार के संदेह पर जांच करते हुए हत्याकांड का खुलासा कर दिया है और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसने अपने दोस्त की कार से इस वारदात को अंजाम दिया था। घटना के वक्त दोस्त भी मौजूद था। पुलिस अब दोस्त को भी तलाश कर रही है।
एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत ने रविवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि क्षत्रीय वाली कोठी जीवनगढ़ इमामबाड़ा क्वार्सी निवासी 62 वर्षीय डॉ.सैय्यद अली जहीर जैदी कयामपुर मोड़ के नर्सिंग होम से मरीज देखकर स्कूटी पर रात करीब 10 बजे घर लौट रहे थे। तभी उनको कार ने टक्कर मारी थी और उनकी मौत हो गई थी। डॉक्टर की बेटी शायदा सनी जैदी ने अज्ञाप पर मुकदमा दर्ज कराया और यह संदेह जताया कि उनके पिता की कुछ लोगों से रंजिश चल रही है।
पुलिस ने जांच शुरू की तो घटना के समय एसयूवी कार द्वारा डॉक्टर की स्कूटी में टक्कर मारना कैद हुआ। साथ में पाया गया कि कार की रफ्तार तेज थी और कार चालक ने बराबर में चल रही दूसरी स्कूटी के चालक को बचाकर सिर्फ डॉक्टर को निशाना बनाया है। इस पर बाईपास व क्वार्सी चौराहे के सीसीटीवी की मदद से उस कार का नंबर प्राप्त किया और पाया कि यह कार देवी नगला निवासी विवेक यादव के नाम से है। जांच में पता चला कि घटना की देर शाम विवेक यादव अपने दोस्त बंटी यादव निवासी धनीपुर मंडी संग कहीं पार्टी में जाने के लिए घर से निकले थे। कार बंटी चला रहा था और दोनों बाईपास पर एक होटल पर खड़े होकर शराब पी रहे थे।
इसी दौरान बंटी को डॉक्टर जाते हुए दिखाई दिए और वहीं उसने प्लान बनाया। बंटी ने जानबूझकर डॉक्टर को टक्कर मारी और उनकी मौत हो गई। पुलिस ने बंटी को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त कार बरामद कर ली है, जबकि विवेक फरार है। इस मामले में अब हत्या व हत्या की साजिश की धारा बढ़ाई गई है और एक्सीडेंट की धाराएं हटाई गई हैं। इस खुलासे में इंस्पेक्टर छोटेलाल व उनकी टीम शामिल रही है। बता दें कि डॉक्टर 6 बेटियों के पिता थे। वही परिवार के जिम्मेदार थे।
हॉस्पिटल की साझेदारी में बिगड़ी बंटी की नीयत
डॉक्टर की बेटी ने जिन लोगों से डॉक्टर का विवाद था, उनमें बंटी का नाम भी बताया था। जब बंटी से पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो उसने बताया कि डॉक्टर, खुद बंटी व पुष्पेंद्र नाम के व्यक्ति ने साझेदारी में पनैठी पर हॉस्पिटल खोला था। बंटी की नीयत बिगड़ गई और इसी विवाद में पुष्पेंद्र साझेदारी से हट गया। बाद में डॉक्टर को भी बंटी हटाना चाहता था। जिसे लेकर पूर्व में विवाद हुए और मारपीट हुई। वहीं से दोनों में विवाद चल रहा था।
मकसद हत्या नहीं था, सिर्फ चोट पहुंचाना था
बंटी ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि जब वह दोनों शराब पी रहे थे तो उन्हें बाईपास पर डॉक्टर जाते हुए दिखाई दिया। उसे देखकर उसने गुस्से में तय किया कि डॉक्टर को एक्सीडेंट मारकर उसके हाथ पैर तोड़ दिए जाएं तो वह खुद ही अस्पताल पहुंच जाएगा। इसी बीच वह हॉस्पिटल को पूरा हड़प लेगा। मगर गुस्से में तेज टक्कर लगने के कारण डॉक्टर की मौत हो गई।