अभी तक गलन और ठिठुरन कम नहीं हुई है। हां, नये साल के पहले हफ्ते में धूप निकलने से कुछ राहत जरूर हुई है, हालांकि ग्रामीण इलाकों में अभी कोहरा हो रहा है। पलवल हाईवे, आगरा हाईवे, मथुरा रोड, गाजियाबाद हाईवे, मुरादाबाद हाईवे पर रविवार सुबह भी कोहरा रहा। एएमयू के भूगोल विभाग में रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 17 तो न्यूनतम 8 डिग्री तक दर्ज हुआ। इसी तरह से शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 13 से 14 तो न्यूनतम 7 डिग्री दर्ज हुआ।
भूगोल विभाग के चेयरमैन प्रो. अतीक अहमद सिद्दीकी ने बताया कि पृथ्वी के उत्तरी गोलार्द्ध के ग्लेशियरों के ऊपर सेे चलने वाली पोलर विंडीज (गोलार्द्ध की सबसे ठंडी हवाएं) नीचे हिमालय क्षेत्र की ओर दबाव बना रही है। इस दबाव से पूर्वी भाग से चलने वाली ईस्टरली विंडीज (पूर्वी गोलार्द्ध की कुछ ठंडी हवाएं) और पश्चिमी भाग से चलने वाली वेस्टरली विंडीज (पश्चिमी गोलार्द्ध की औसत तापमान की हवाएं) उत्तरी भारत में ठंड बनाए हुए हैं। इसकी वजह से शीतलहर का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। धूप निकलने के बाद भी गलन बनी हुई है। स्मॉग, धूल के कण, पराली जलाने से हुए प्रदूषण के कारण बहुत सूक्ष्म कण पृथ्वी के वातावरण में 18 किमी की ऊं चाई तक नमीं से चिपके हैं जिससे एक गोला बना हुआ है, इसको हायग्रोस्कोपिक न्यूक्लिाई बना है। इसकी वजह से बार बार धूप कम ज्यादा हो रही है। अब अगर तीन चार दिन में तापमान सामन्य रहा तो बारिश होने से गलन वाली सर्दी से राहत मिलेगी।