एमए हिंदी द्वितीय सेमेस्टर में 3 जूनको अस्मिता मूलक विमर्श नामक विषय की परीक्षा थी। इसके प्रश्नपत्र में भी भाषा विज्ञान के प्रश्न मिले, जबकि भाषा विज्ञान की परीक्षा पहले ही हो चुकी है। हाथरस में छात्रों ने इसका विरोध किया, अलीगढ़ में कुछ छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी।
हाथरस में परीक्षार्थियों ने विरोध किया और परीक्षा को निरस्त कराने की मांग की। पीसी बागला कॉलेज में इस विषय के 180 परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचे थे। अलीगढ़ में भी डीएस कॉलेज, एसवी कॉलेज, टीकाराम कन्या महाविद्यालय सहित अन्य महाविद्यालयों में यह परीक्षा थी। प्रश्नपत्र के ऊपर शीर्षक अस्मितामूलक विमर्श छपा था, जबकि छपे प्रश्न भाषा विज्ञान के थे। डीएस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. मुकेश भारद्वाज ने बताया कि परीक्षार्थियों ने दोबारा परीक्षा कराने के लिए प्रत्यावेदन दिया है। उन्होंने बताया कि परीक्षा उस दशा में ही निरस्त हो सकती है, जब 70 फीसदी प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर के हों।
पेपर तैयार करने वाले शिक्षकों से जवाब तलब किया जाएगा। परीक्षा निरस्त कर दी गई है। अब 18 जून को पहली पाली में परीक्षा होगी। -धीरेंद्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक, आरएमपीयू, अलीगढ़
बीएएलएलबी द्वितीय सेमेस्टर तृतीय प्रश्न पत्र की परीक्षा निरस्त कर दी गई है। एमए हिंदी में पाठ्यक्रम से बाहर के प्रश्न आने की शिकायत आई थी। उसका परीक्षण कराया जाएगा, उसके बाद विवि निर्णय लेगा। फिलहाल एमए हिंदी की परीक्षा निरस्त नहीं हुई। -प्रो. एनबी सिंह, कुलपति, आरएमपीयू, अलीगढ़