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एएमयू में 21.33 करोड़ का अनियमित भुगतान

Wed, 10 May 2017 02:10 AM IST
कौशल कुमार ओझा
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय द्वारा बिना यूजीसी की स्वीकृति के टेंपरेरी-कैजुअल स्टॉफ के वेतन पर 21 करोड़ 33 लाख रुपये का अनियमित भुगतान कर दिया गया है। कार्यालय प्रधान निदेशक लेखा परीक्षा (केंद्रीय) लखनऊ द्वारा 2015-16 के कराए गए ऑडिट में यह मामला प्रकाश में आया है। इसके बाद एएमयू में हड़कंप की स्थिति है।
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विश्वविद्यालय के अभिलेखों की जांच में पाया गया है कि वर्ष 2015-16 में कुल 1365 टेंपरेरी एंड कैजुुअल स्टॉफ कार्यरत थे, जिन्हें कुल 21 करोड़ से अधिक की राशि का भुगतान किया गया। यह भुगतान यूजीसी के नॉन प्लान बजट से किया गया है जबकि यूजीसी के बजट अनुमोदन में स्पष्ट है कि वेतन रेगुलर स्टाफ के लिए है।

टेंपरेरी- कैजुअल स्टॉफ के वेतन के लिए यूजीसी से कोई अनुमोदन नहीं लिया गया था। सूत्रों पर भरोसा करे तो विभिन्न मदों में कुल 100 करोड़ से अधिक की धनराशि पर ऑडिट में सवाल उठाया गया है। इस संबंध में एएमयू रजिस्ट्रार प्रो. जावेद अख्तर का कहना है कि इस बारे में वित्त अधिकारी ही जानकारी दे सकते है। कोशिश के बावजूद वित्त अधिकारी से बात नहीं हो सकी। 
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उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा एएमयू के शैक्षणिक, शोध, वित्तीय एवं इंफ्रास्ट्रक्चर का ऑडिट कराया जा रहा है। एक्सपर्ट कमेटी के सदस्यों ने ऑडिट शुरू कर दी है। ऐसे समय में कार्यालय प्रधान निदेशक लेखा परीक्षा का ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद कैंपस में खलबली की स्थिति है। 
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