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विडंबना : विभाग में ही नहीं हो रही मलेरिया की जांच

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मलेरिया हो गया है तो इसकी जांच के लिए मलेरिया विभाग नहीं जिला अस्पताल अथवा किसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही जाइए। मलेरिया विभाग इतना लाचार है कि इसकी जांच तक नहीं कर सकता। कारण, यहां सीनियर लैब टेक्नीशियन और प्रयोगशाला ही नहीं है। अन्य स्टाफ और संसाधनों की कमी से भी विभाग जूझ रहा है।
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बारिश में होने वाले जलभराव के साथ मलेरिया और डेंगू का खतरा बढ़ने लगा है। पिछले साल जिन क्षेत्रों में मलेरिया और डेंगू के मरीज सामने आए थे, विभाग ने उन क्षेत्रों को संवेदनशील की श्रेणी में रखा है। मलेरिया विभाग के अनुसार ऐसे 75 संवेदनशील क्षेत्र जिले में चिह्नित गए हैं। इन क्षेत्रों में मलेरिया का फैलाव रोकना विभाग के लिए चुनौती है।



विभागीय अधिकारियों के अनुसार वरिष्ठ प्रयोगशाला टेक्नीशियन, सहायक मलेरिया अधिकारी, फील्ड वर्कर के पद खाली हैं। वरिष्ठ सहायक प्रयोगशाला टेक्नीशियन की तैनाती न होने से प्रयोगशाला की स्थापना भी नहीं हो पाई है। जिला मलेरिया प्रभारी प्रदीप रावत का कहना है कि रिक्त तीन पदों को भरने के लिए जल्द ही अपर निदेशक मलेरिया को पत्र लिखा जाएगा।
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चार वर्षों में मिले मलेरिया और डेंगू रोगी
वर्ष डेंगू मरीज मलेरिया मरीज
2021 308 21
2022 40 5
2023 165 27
2024 107 16
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