अमर उजाला द्वारा अस्पताल से जिंदा ले जाओ... मर गईं तो शव भी नहीं मिलेगा शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। अमर उजाला की इस खबर पर मीनू गोयल की मौत के मामले में जांच बैठ गई है। उनके बेटे शुभम अग्रवाल ने बताया कि जांच अधिकारी को वह शनिवार को अपने बयान दर्ज कराएंगे। शुभम गोयल का आरोप था कि मां के इलाज के लिए दीनदयाल अस्पताल में 20 हजार रुपये तक मांगे गए।
शुभम गोयल ने बताया कि वैक्सीन लगवाने के नौ दिन बाद मां मीनू गोयल की तबियत खराब हो गई थी। मलखान सिंह जिला अस्पताल लेकर पहुंचे तो यहां से दीनदयाल अस्पताल रेफर कर दिया गया। बेड मांगा गया तो एवज में 20 हजार रुपये मांगे गए। किसी तरह सांसद ने बेड उपलब्ध कराया। शुभम ने कहा कि 29 अप्रैल से लेकर एक मई तक कोई इलाज नहीं मिला। खुद व्यवस्था कर ऑक्सीजन लेकर आए थे। मंडलायुक्त गौरव दयाल से भी इस मामले में शिकायत की गई। आरोप है कि शिकायत के बावजूद उनसे रुपयों की मांग की गई। इतना ही नहीं, शुभम को कहा गया कि मां को घर ले जाओ। अस्पताल से जिंदा ले जाओगे तो बेहतर है। मर गईं तो इनका शव भी नहीं मिलेगा। शुभम ने कहा कि वह शनिवार को इस मामले में बयान दर्ज कराएंगे।