प्रो. आलोक धवन ने सम्मेलन को ज्ञान, विज्ञान और नवाचार को महाकुंभ बताते हुए कहा कि बायोमेडिकल के क्षेत्र में शोध को मेडिकल संस्थानों के साथ संबंध स्थापित कर बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
मंगलायतन विश्वविद्यालय व एसोसिएशन ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एंड फार्मेसी (एबीएपी) के तत्वावधान में चल रहे तीन दिवसीय सम्मेलन के दूसरे दिन वैज्ञानिक ने शोधकार्यों पर व्याख्यान व पोस्टर प्रस्तुत किए। आयोजन एबीएपी के महासचिव प्रो. केआरएस संबासिवा राव व संयोजक प्रो. रविकांत के निर्देशन में हुआ।
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प्रो. आलोक धवन ने सम्मेलन को ज्ञान, विज्ञान और नवाचार को महाकुंभ बताते हुए कहा कि बायोमेडिकल के क्षेत्र में शोध को मेडिकल संस्थानों के साथ संबंध स्थापित कर बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। व्याख्यान में अमेरिका के प्रो. स्वामी मृथिनिति, प्रो. श्याम एस. मोहपात्रा, प्रो. सुभ्रा मोहपात्रा, सरदार पटेल विवि गुजरात से आए डॉ. हितेंद्र एम पटेल, आईआईटी गुवाहाटी के डॉ. विशाल त्रिवेदी, बिट्स पिलानी, हैदराबाद के डॉ. केवीजी चंद्रशेखर, नेशनल डेयरी इंस्टीट्यूट, करनाल से आए डा. धुरबा मलाकर, हरि सिंह गौर केन्द्रीय विश्वविद्यालय, मध्य प्रदेश से आए डां चंद्रमा पी उपाध्याय, सेंट्रल यूनिवर्सिटी आफ पंजाब से आए डा. वी. बालाचंदर ने वैज्ञानिक अनुसंधानों की प्रस्तुति दी।
वहीं शोध पोस्टर प्रस्तुतिकरण में युवा वैज्ञानिकों ने पोस्टर के माध्यम से आपने शोध कार्यों को प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा सास्कृतिक कार्यक्रमों प्रस्तुति दी। सम्मेलन के दूसरे दिन के सफल आयोजन पर कुलसचिव ब्रिगेडियर समर वीर सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. दिनेश शर्मा ने शुभकामनाएं प्रेषित की।