अब तक अंक सुधार की व्यवस्था केवल हाईस्कूल के विद्यार्थियों के लिए ही उपलब्ध थी, लेकिन नए प्रस्ताव के तहत अब इंटरमीडिएट के छात्रों को भी किसी एक विषय में अंक सुधारने का अवसर दिया जाएगा। इ
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कंपार्टमेंट व इंप्रूवमेंट परीक्षाओं के नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। नए प्रस्ताव के तहत अब इंटरमीडिएट के छात्रों को भी किसी एक विषय में अंक सुधारने का मौका मिलेगा। साथ ही सीबीएसई की तर्ज पर बेस्ट ऑफ टू नियम लागू करने की तैयारी है, जिससे छात्रों के अंक घटने का खतरा नहीं रहेगा।
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अब तक हाईस्कूल में किसी एक विषय में फेल होने वाले छात्र इंप्रूवमेंट परीक्षा देते थे, लेकिन अब प्रावधान किया गया है कि यदि कोई छात्र किसी एक विषय में फेल है, तो उसे कंपार्टमेंट परीक्षा देनी होगी। अंक सुधार की परीक्षा में केवल वही विद्यार्थी शामिल हो सकेंगे जो सभी विषयों में पास हैं, लेकिन किसी एक विषय में अपने नंबरों से संतुष्ट नहीं हैं और उसे सुधारना चाहते हैं।
अब तक अंक सुधार की व्यवस्था केवल हाईस्कूल के विद्यार्थियों के लिए ही उपलब्ध थी, लेकिन नए प्रस्ताव के तहत अब इंटरमीडिएट के छात्रों को भी किसी एक विषय में अंक सुधारने का अवसर दिया जाएगा। इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है, जिसे जल्द ही आधिकारिक मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
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संयुक्त निदेशक शिक्षा मनोज गिरी के मुताबिक बोर्ड इस बार सीबीएसई के पैटर्न को अपना रहा है। इसके तहत यदि कोई छात्र इंप्रूवमेंट परीक्षा देता है, तो मुख्य परीक्षा और इंप्रूवमेंट परीक्षा में से जिस परीक्षा में अधिक अंक होंगे, वही फाइनल मार्कशीट में जोड़े जाएंगे।