प्रॉक्टर प्रो मोहम्मद नवेद खान ने बताया कि धरने के दौरान सीजेपी, दिल्ली कनेक्शन और कांग्रेस नेताओं के बयानों जैसे बाहरी कनेक्शन भी सामने आए हैं जिनकी जांच की जा रही है।
एएमयू के अब्दुल्ला हॉल की छात्राओं के धरना-प्रदर्शन के बाद एएमयू प्रशासन ने यूनिवर्सिटी परिसर के बाहर छात्रों के अड्डों की निगरानी बढ़ा दी है। प्रशासन के स्तर से यह जानकारी जुटाई जा रही है कि इन अड्डों पर किन लोगों की मौजूदगी है और वहां छात्रों को लेकर क्या चर्चा हो रही है।
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खुफिया तंत्र, एलआईयू और विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मी सादे कपड़ों में छात्रों के अड्डों पर चल रहीं बैठकों की टोह ले रहे हैं। इनपुट जुटाने का मकसद यूनिवर्सिटी में संभावित धरना-प्रदर्शन और छात्रों की गतिविधियों से जुड़ी सूचनाएं पहले से हासिल करना बताया जा रहा है। कुछ बैठकों में ऐसे लोग भी शामिल हो रहे हैं, जिनका एएमयू से सीधा संबंध नहीं है। इन बैठकों में छात्रों के साथ संवाद और यूनिवर्सिटी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।
अब्दुल्ला हॉल के बाद सामने आए बाहरी कनेक्शन
अब्दुल्ला हॉल की छात्राओं के धरने के दौरान और उसके बाद कई तरह के बाहरी कनेक्शन चर्चा में आए हैं। वीमेंस कॉलेज में हुए धरना-प्रदर्शन के दौरान सीजेपी, दिल्ली कनेक्शन और कांग्रेस नेताओं के बयानों का मामला भी सामने आया। इस संबंध में प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद नवेद खान ने बताया कि प्रशासन का फोकस अब इस बात पर है कि छात्रों के बीच किसी नए धरना-प्रदर्शन या आंदोलन की तैयारी तो नहीं हो रही है और उसमें बाहरी लोगों की क्या भूमिका है।
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सात छात्रों पर एएमयू की नजर
अब्दुल्लाह हॉल की छात्राओं के धरने को मेसेज के जरिये बढ़ावा देने के आरोप में एएमयू प्रशासन ने चार और छात्रों को चिह्नित किया है। पहले चिह्नित किए गए तीन छात्रों को मिलाकर अब ऐसे छात्रों की संख्या सात हो गई है, जिनकी गतिविधियां प्रशासन की जांच के दायरे में हैं। प्रशासन ने छात्रों के बीच भेजे गए मेसेज और धरने से जुड़ी उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई है। चिह्नित छात्रों के अभिभावकों को अब सीधे मेसेज भेजकर पूरे मामले की जानकारी दी जा रही है।
लगातार छात्रों को चिह्नित किया जा रहा है। अब उनके अभिभावकों को उनके बेटे के बारे में मेसेज भेजे जा रहे हैं।-प्रो. मोहम्मद नवेद खान, प्रॉक्टर एएमयू।