अलीगढ़ (ब्यूरो)। केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी एवं केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के बीच बातचीत के दौरान एएमयू कुलपति जमीरउद्दीन शाह को दूर रखा गया। चर्चा है कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से बातचीत के दौरान कुलपति ने इस बात को स्वीकारा है और कहा कि जब वे केंद्रीय मंत्री के आवास पर बातचीत के दौरान पहुंचे तो उन्हें मीटिंग में शामिल नहीं किया गया। हालांकि एएमयू पीआरओ सलाहकार डॉ. राहत अबरार इससे अनभिज्ञता जता रहे है। कुलपति जमीरउद्दीन शाह से भी कोशिश के बावजूद बातचीत नहीं हो सकी। इधर सोशल मीडिया में कुलपति के साथ अपमानजनक व्यवहार का समाचार आने के बाद छात्रों के तेवर तल्ख है और छात्र नेताओं का कहना है कि कुलपति का अपमान या एएमयू सेंटर के फंड रोकने का प्रयास को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।चर्चा के मुताबिक 8 जनवरी को स्मृति ईरानी एवं केरल के मुख्यमंत्री के बीच एएमयू सेंटर को लेकर बातचीत होनी थी। तबियत खराब होने के कारण केंद्रीय मंत्री ने कार्यालय के स्थान पर अपने आवास पर मुख्यमंत्री से बातचीत हुई। वहां पर कुलपति पहुुंचे तोे उन्हें बैठक में शामिल नहीं किया गया तो वापस लौट आए। छात्र नेता फहीम अख्तर का कहना है कि कुलपति ने स्वयं अपमान का खंडन किया है। यदि उनका सचमुच अपमान हुआ है तो निंदनीय है और स्मृति ईरानी विरोध झेलने को तैयार रहे। एएमयू छात्र नेता मो. शिकोह एवं परवेज सिद्दीकी ने कहा कि सचमुच में कुलपति के साथ अपमान की बात सामने आई तो केंद्रीय मंत्री से मिलकर विरोध दर्ज करेंगे।