राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय ने सभी परीक्षा केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित कराने अल्टीमेटम दिया है। विवि के कुलसचिव ने सभी प्राचार्यों को पत्र लिखकर कहा कि सत्र 2025-26 की विषम सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए चुने गए परीक्षा केंद्रों में अगर मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलीं तो केंद्र रद्द करने के साथ कॉलेज की संबद्धता भी खत्म कर दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि कुलपति प्रो.नरेंद्र बहादुर सिंह स्वयं परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। कई कॉलेजों में पीने का पानी, शौचालय, फर्नीचर, रोशनी और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल रही हैं। पहले भी गूगल फॉर्म और निरीक्षण टीम के सामने जो वादे किए गए थे, उन्हें तुरंत पूरा करना होगा। कुलसचिव ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर सुविधाओं की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही करने वाले कॉलेजों को डिबार कर दिया जाएगा।
परीक्षार्थी गड़बड़ी की शिकायत करें : विवि
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कहा है कि परीक्षा केंद्रों पर अगर कोई अनियमितता हो तो अभिभावक या विद्यार्थी शिकायत कर सकते हैं। 29 नवंबर को जारी परीक्षा केंद्रों की सूची में कुछ कॉलेज ऐसे हो सकते हैं, जिनका प्रबंधन एक ही हो या दोनों कॉलेजों के मालिक/प्रबंधक रिश्तेदार हों। ऐसी स्थिति में नकल या अनुचित लाभ की आशंका रहती है। विवि ने कहा है कि अगर परीक्षार्थियों को ऐसे किसी कॉलेज की जानकारी हो तो तुरंत ईमेल करें। कुलपति नरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि कोई भी गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आरएमपीयू के परिसर में पहली बार हुई परीक्षा
राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय ने पहली बार अपने परिसर में स्नातकोत्तर तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाओं का आयोजन किया। इससे पहले यह परीक्षाएं धर्म समाज महाविद्यालय में होती रहीं थीं। पांच दिसंबर को दो पालियों में परीक्षाएं संपन्न हुईं। प्रथम पाली में एलएलएम तृतीय सेमेस्टर और द्वितीय पाली में एम.कॉम, एमए हिंदी तथा एमए इंग्लिश तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा हुई। परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और पारदर्शी रही।
कुलपति प्रो. नरेंद्र बहादुर सिंह ने स्वयं परीक्षा केंद्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कक्षाओं, सुरक्षा, सीसीटीवी से निगरानी, प्रश्नपत्र वितरण और बैठने की व्यवस्थाएं देखीं और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। कुलपति ने कहा कि यह विश्वविद्यालय के लिए ऐतिहासिक दिन है। अपने परिसर में परीक्षा आयोजित करना हमारी स्वायत्तता और गुणवत्ता की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी सभी परीक्षाएं परिसर में ही होंगी।