फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Aligarh: दरोगा ने महिला सिपाही को भेजे आपत्तिजनक संदेश, निलंबित, पहले भी लगा था रुपये लेने का आरोप

Sun, 15 Feb 2026 11:40 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

2023 बैच के दरोगा विनेश की पहली पोस्टिंग मार्च 2024 में चंडौस में हुई थी। करीब 22–23 माह वहां तैनात रहने के दौरान नवंबर 2025 में उन पर रिपोर्ट दर्ज न करने के नाम पर पांच हजार रुपए लेने का आरोप भी लगा था।
विज्ञापन
दरोगा निलंबित - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अलीगढ़ जिले के चंडौस थाने में तैनात दरोगा पर क्वार्सी में तैनात एक महिला सिपाही ने आपत्तिजनक संदेश भेजने का आरोप लगाया है। जांच के आधार पर एसएसपी ने दरोगा विनेश वर्मा को निलंबित कर दिया है। इधर, बताया गया है कि दरोगा की इसी माह शादी होने वाली है। इस कार्रवाई की खबर पर परिवार में हड़कंप मच गया है।

विज्ञापन


मेरठ के मवाना क्षेत्र के दरोगा विनेश वर्मा की वर्तमान में चंडौस थाने में तैनाती है। एक माह पहले तक वह क्वार्सी थाने में तैनात था। इसी दौरान दरोगा का परिचय क्वार्सी में तैनात महिला सिपाही से हो गया। दोनों ने एक दूसरे का मोबाइल नंबर भी ले लिया। इसके बाद वह महिला सिपाही से फोन पर बात करने लगा। अब एसएसपी के पास अपने भाई के साथ शिकायत करने पहुंची महिला सिपाही ने बताया कि उसने दरोगा से संदेश भेजने का विरोध किया था, लेकिन इसके बाद भी वह मेसेज भेजता रहा।

इस आरोप की एसएसपी स्तर से जांच कराई गई। जांच के आधार पर विनेश को निलंबित कर दिया गया है। इधर, विनेश इन दिनों छुट्टी पर गया हुआ है। उसकी इसी माह 21 फरवरी को शादी होनी है। हालांकि, विनेश ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उसका कहना है कि मेसेज भेजे हैं, लेकिन उसमें आपत्तिजनक कुछ भी नहीं था। वह अपनी शादी की तैयारियों में व्यस्त होने के कारण जांच में अपना पक्ष नहीं रख पाया है। एसएसपी नीरज जादौन बताते हैं कि आरोपों के आधार पर निलंबन कर मामले में विभागीय जांच शुरू कराई गई है। जांच के आधार पर आगे अन्य कार्रवाई तय होगी।
विज्ञापन


पहले भी लगा था रुपये लेने का आरोप
2023 बैच के दरोगा विनेश की पहली पोस्टिंग मार्च 2024 में चंडौस में हुई थी। करीब 22–23 माह वहां तैनात रहने के दौरान नवंबर 2025 में उन पर रिपोर्ट दर्ज न करने के नाम पर पांच हजार रुपए लेने का आरोप भी लगा था। उस समय सीओ गभाना धनंजय सिंह की जांच में आरोपों की पुष्टि नहीं हुई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें