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भीमपुर-इब्राहिमपुर विवाद: बवाल में लापरवाही पर इंस्पेक्टर-चौकी प्रभारी हटाए, पांच दिन में सात गिरफ्तारी

Sun, 02 Feb 2025 03:47 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

मामले में जांच रिपोर्ट तलब की गई। जिसमें यह माना गया है कि विवाद चूंकि दस दिन से चल रहा था। शुरुआती सूचना के बाद भी थाना रोरावर के इंस्पेक्टर व चौकी प्रभारी स्तर से न तो निरोधात्मक कार्रवाई की और न वरिष्ठ अधिकारियों को सही फीडबैक दिया। इसके चलते विवाद ने यह रूप ले लिया और कानून व्यवस्था की स्थिति पैदा हुई।
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भीमपुर इब्राहिमपुर गांव में बवाल के बाद तैनात पीएसी कर्मी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ महानगर से सटे रोरावर क्षेत्र के गांव भीमपुर-इब्राहिमपुर में 28 जनवरी देर शाम डा.आंबेडकर की प्रतिमा हटाए जाने के बाद हुए उपद्रव में प्रारंभिक स्तर पर थाना पुलिस की लापरवाही मानी गई है। इसी क्रम में एसएसपी ने इंस्पेक्टर रोरावर व हल्का चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया है। वहीं राजस्व लेखपाल की ओर से ग्राम समाज की भूमि पर मंदिर बनाने के प्रयास के आरोप में बघेल समाज पर भी मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस मुकदमे में भी मौजूदा व पूर्व प्रधान पक्ष बरगलाने का आरोपी है।

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ग्राम समाज की भूमि पर बघेल समाज द्वारा मंदिर निर्माण और अनुसूचित वर्ग द्वारा डा.आंबेडकर प्रतिमा लगाने को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद के क्रम में रविवार को रात में यहां डा.आंबेडकर प्रतिमा लगा दी गई। जिसे दो दिन के प्रयास के बाद पुलिस ने मंगलवार को विरोध के बीच हटवा दिया। बस भारी भीड़ की मौजूदगी में प्रतिमा हटवाना विरोध का कारण बन गया और प्रतिमा समर्थक भीड़ पुलिस से भिड़ गई। इस दौरान पुलिस पर पथराव, फायरिंग के अलावा दोपहिया वाहन फूंक दिए गए। इस दौरान एक दर्जन पुलिसकर्मी भी घायल हुए। 

इस संबंध में एसएसपी स्तर से एसपी सिटी से पूरे मामले में जांच रिपोर्ट तलब की। जिसमें यह माना गया है कि विवाद चूंकि दस दिन से चल रहा था। शुरुआती सूचना के बाद भी थाना रोरावर के इंस्पेक्टर व चौकी प्रभारी स्तर से न तो निरोधात्मक कार्रवाई की और न वरिष्ठ अधिकारियों को सही फीडबैक दिया। इसके चलते विवाद ने यह रूप ले लिया और कानून व्यवस्था की स्थिति पैदा हुई। इसके चलते शुक्रवार रात को इंस्पेक्टर रोरावर सुशील कुमार योगी व हल्का चौकी प्रभारी किरनपाल सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है। वहीं सासनी गेट के अपर निरीक्षक अपराध शिवशंकर गुप्ता को रोरावर का नया इंस्पेक्टर नियुक्त किया है।

भीमपुर प्रकरण में प्रारंभिक स्तर पर थाना व चौकी प्रभारी की भूमिका इसलिए लापरवाही भरी है कि अगर शुरुआती विवाद की सूचना पर गंभीर होते तो शायद कानून व्यवस्था की स्थिति न बनती। इसलिए ये कार्रवाई की गई है। बाकी हर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।-संजीव सुमन, एसएसपी

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ये दर्ज कराया गया दूसरा मुकदमा

ग्राम समाज की भूमि पर बघेल समाज द्वारा मंदिर बनवाने की प्रक्रिया करने के संबंध में तहसील कोल के हलका इब्राहिमपुर की लेखपाल दीपिका वाष्र्णेय ने थाना रोरावर मे दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि गाटा संख्या 53, रकवा 0.323 हेक्टेयर श्रेणी -6 (1) की नौइय्यत पोखर के रूप में दर्ज है। इस भूमि पर 25 जनवरी को मंदिर निर्माण कर अतिक्रमण किया जाना संज्ञान में आया। आरोप है कि इस संबंध में वर्तमान ग्राम प्रधान आशा देवी व ग्राम प्रधान प्रतिनिधि निर्देश लोधी, पूर्व प्रधान छत्रपाल सिंह की भूमिका परिलक्षित प्रतीत होती है। वजह है कि इन्होंने समय से सूचना नहीं दी और जिसके चलते विवाद की स्थिति पैदा हुई। एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक के अनुसार इस मामले में ग्राम प्रधान आशा लोधी, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि निर्देश लोधी, पूर्व प्रधान छत्रपाल सिंह पर ग्रामीणों को भ्रमित करने का आरोप है, जबकि मंदिर निर्माण के संबंध में बघेल पक्ष के बिट्टू, जसवंत, राधेश्याम, बंटी, भूदेव, रामेश्वर, सुरेश, राधेश्याम लंबरदार, धर्मसिंह, मदन, रोहित, सतेंद्र, योगेश, सत्यवीर, शंकरपाल, बनवारी आदि आरोपी बनाए गए हैं।

पांच दिन में सिर्फ सात गिरफ्तार
उपद्रव के प्रमुख मुकदमे में कुल 19 नामजद व सौ डेढ़ सौ अज्ञात आरोपी बनाए गए। मगर अभी तक पांच दिन में सिर्फ सात आरोपी ही गिरफ्तार किए जा सके हैं। इसे लेकर भी एसएचओ व हल्का चौकी प्रभारी को भी लापरवाह माना जा रहा है। वही इस इलाके में सक्रिय थे और उनका इनपुट ये है कि वे अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर पाए। इसे लेकर भी थाना पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे थे। वहीं एसपी सिटी का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी व चिह्नित करने के लिए टीम लगी हुई है। जल्द बाकी गिरफ्तारी होंगी।
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