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Aligarh News: बच्चे सहित चार लोगों मरीजों में मिला इन्फ्लूएंजा-ए

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जिले में इन्फ्लूएंजा ने दस्तक दे दी है। इसके चार मामले हाल ही में मिले हैं। दो का उपचार एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज और दो का निजी अस्पताल में हुआ है। बच्चों से लेकर बड़ों तक में यह संक्रमण फैल रहा है। इन सभी की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई है।
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जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती मुबीना (60) निवासी मंजूरगढ़ी को इन्फ्लूएंजा-ए का संक्रमण हुआ था। पहले उनका उपचार एक निजी अस्पताल में हुआ, आराम नहीं मिलने पर जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। इसी तरह से हमजा कॉलोनी निवासी उबैद अहमद सिद्दीकी (11) को भी पहले निजी अस्पताल और बाद में जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार दिया गया है।

इन्फ्लूएंजा (फ्लू) नाक, गले और फेफड़ों का वायरल संक्रमण है। यह सामान्य सर्दी-जुकाम से गंभीर होता है और हवा में मौजूद बूंदों (खांसने या छींकने) के जरिये एक से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। संक्रमण नाक, गले और फेफड़ों में फैल जाता है, जिससे तेज बुखार, बदन दर्द और थकान होती है। उपचार और टीके (वैक्सीन) से इसका बचाव होता है। एडी हेल्थ डॉ. मोहन झा ने कहा कि इन मरीजों की जांच कराने और उपचार कराने पर पूरी नजर रखी जा रही है ताकि बीमारी और न फैले।
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इन्फ्लूएंजा से बचाता है टीका
इन्फ्लूएंजा को सामान्य बोलचाल में फ्लू कहा जाता है, जो इन्फ्लूएंजा वायरस से फैलता है। यह वायरस ऑर्थोमिक्सोविरिडे परिवार का एक आरएनए वायरस है। इससे बचाव का सुरक्षित तरीका इन्फ्लूएंजा का टीका है। यह वायरस से बचाता है। इसे क्वाड्रिवैलेंट या ट्राइवैलेंट इन्फ्लूएंजा वैक्सीन कहा जाता है। सितंबर से अक्तूबर के बीच टीका लगवाना अच्छा माना जाता है। छह महीने से अधिक उम्र का कोई भी व्यक्ति इसे डॉक्टर की सलाह से लगवा सकता है।
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इन्फ्लूएंजा के तीन प्रकार
इन्फ्लूएंजा-ए : यह गंभीर बीमारी फैलाता है। इसके रूप एचवन-एनवन (स्वाइन फ्लू) और एच-3-एन-टू हैं।
इन्फ्लूएंजा बी : यह भी इंसानों को संक्रमित करता है और सर्दियों में मौसमी फ्लू का कारण बनता है।
इन्फ्लूएंजा सी : यह इंसानों में बहुत हल्का संक्रमण पैदा करता है, इससे गंभीर बीमारी नहीं होती।
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