अगर आप यात्रा करके आए हैं तो थोड़ा संभल कर रहें। दरअसल, यात्रा इतिहास वाले अधिकतर लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जा रहे हैं और उनके संपर्क में आकर परिवार एवं निकट संबंधी भी संक्रमित हो रहे हैं। कोरोना की चपेट में आए लोगों का स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा इतिहास खंगाला तो यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। होली के पहले और बाद में संक्रमित पाए गए अधिकतर लोग कहीं न कहीं से घूम कर आए हैं। ऐसे लोगों की संख्या करीब 80 प्रतिशत बताई जा रही है। बाकी लोग इनके संपर्क में आकर संक्रमित हुए हैं।
मंगलवार को 13 लोग कोरोना वायरस की चपेट में आए थे, जिसमें से सात लोग एक ही परिवार के हैं। इस परिवार में 27 मार्च को 66 वर्षीय महिला संक्रमित हुई थी। माना जा रहा है कि उनके संपर्क में आने के बाद परिवार के अन्य लोग संक्रमित हुए हैं। बताया जा रहा है कि परिवार के सदस्यों का बाहर आना-जाना रहता है। इसके अतिरिक्त, अतरौली की संक्रमित महिला 18 मार्च को मुंबई से लौटी थी। बिजौली के नगला हीरा का 20 वर्षीय युवक, मुंबई से लौटे व्यक्ति के संपर्क में आकर संक्रमित हुआ है। इगलास के नगला वीरा का संक्रमित युवक आगरा गया था। 29 मार्च को संक्रमित पाई गई ज्ञान सरोवर की 48 वर्षीय महिला पंजाब से लौटी थीं। 28 मार्च को जनपद में 11 लोग संक्रमित पाए गए थे। इसमें से 9 लोग पंजाब, जयपुर, मुंबई, नई दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद एवं मथुरा गए थे। शेष दो लोग इनके संपर्क में आने से संक्रमित हुए हैं। अन्य संक्रमित लोगों की भी हिस्ट्री मिलती-जुलती है।
अधिकतर संक्रमित लोग बाहर से आए हैं या बाहर से आने वाले व्यक्ति के संपर्क में आए हैं। ऐसे में बाहर आने-जाने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। कंट्रोल रूम में सूचना दें। महाराष्ट्र या केरल आदि से आने वाले लोग अपना टेस्ट जरूर करवाएं। नि:शुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध है। यात्रा इतिहास को छिपाए नहीं बल्कि स्वयं सहयोग कर कोरोना की चेन को तोड़ने में सहयोगी बनें। थोड़ी सी लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है। - डॉ. बीपी सिंह कल्याणी, सीएमओ
संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए ये हैं इंतजाम
संक्रमण रोकने के लिए होली से पहले जनपद की सीमा पर बाहर से आने वाले लोगों की जांच के लिए टीमें तैनात कर दी गई थीं। इसके अतिरिक्त रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड पर टीम द्वारा बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच की जा रही है। कोरोना का केस मिलने पर संपर्क में आए लोगों की जांच के लिए अलग से टीम लगाई गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आशा एवं एएनएम को सक्रिय किया गया है। सूचना मिलने पर बाहर से आने वाले लोगों का नमूना लिया जा रहा है।