अभिषेक शर्मा, अलीगढ़।
जिले में बनने जा रहा नया ख्यामई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर अब सिडबी से मिलने वाले ऋण से नहीं, बल्कि केंद्र सरकार के अनुदान से विकसित होगा। सिडबी से स्वीकृत ऋण लेने से इंकार कर दिया गया है। अब केंद्र सरकार से पीएम गति शक्ति योजना के तहत 70 करोड़ का अनुदान लेने की तैयारी है। खास बात यह है कि यह अनुदान बिना किसी ब्याज के 50 वर्ष में वापस करना होगा। इस संबंध में प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। सितंबर में इसके स्वीकृत होने के संकेत मिले हैं।
जीटी रोड पर गांव ख्यामई के सहारे यह इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने जीटी रोड से साइट तक सड़क निर्माण का जिम्मा पीडब्ल्यूडी को दिया है। जल्द ही सड़क का निर्माण और चौड़ीकरण भी शुरू हो जाएगा।
इस इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर से अंडला डिफेंस कॉरिडोर तक एक चौड़ी सड़क अलग से इन दोनों साइटों को एक दूसरे से जुड़ेगी। इस तरह डिफेंस कॉरिडोर सीधा जीटी रोड और ख्यामई इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर सीधा पलवल रोड से जुड़ जाएगा। इसके विकसित करने को लेकर अब तक तय था कि सिडबी से ऋण लिया जाएगा।
सिडबी ने ऋण पिछले माह मंजूर भी कर दिया। मगर अब सिडबी से ऋण न लेना तय किया गया है। इसके लिए पीएम गति शक्ति योजना के तहत केंद्र सरकार से अनुदान मिलना तय हो गया है। इस संबंध में 70 करोड़ के अनुदान के लिए प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है।
- ख्यामई डिफेंस इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर को अब सिडबी के ऋण के बजाय केंद्र सरकार के अनुदान से विकसित किया जाएगा। जिसके लिए 70 करोड़ के अनुदान का प्रस्ताव भेजा गया है। जिसके सितंबर में मंजूर होने की उम्मीद है। यह अनुदान बिना किसी ब्याज दर के 50 वर्ष में वापस करना होगा। यहां औद्योगिक इकाइयों को स्थापित करने के लिए करीब 250 इकाइयों के प्रस्ताव आ चुके हैं। नोएडा, गाजियाबाद या जेवर में अब जमीनें नहीं हैं। इसलिए यहां बहुत तेजी से विकास की संभावना है। इसलिए इस साइट पर सितंबर में अनुदान मंजूर होते ही काम शुरू कराया जाएगा।
-वीरेंद्र सिंह, उपायुक्त डीआईसी