प्रो. कृष्णमुरारी मिश्र 50 से अधिक विदेश यात्राएं कर चुके हैं। वह विभिन्न भारतीय विश्वविद्यालयों तथा लोक सेवा आयोगों की चयन समितियों के सदस्य भी रहे हैं। उन्हें देश-विदेश के कई विश्वविद्यालयों में विजिटिंग फेलो के रूप में आमंत्रित किया।
प्रयागराज की भारतीय हिंदी परिषद ने 2 अप्रैल को स्थापना दिवस पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व कार्यवाहक कुलपति, कला संकाय के पूर्व अधिष्ठाता व हिंदी के प्रोफेसर कृष्णमुरारि मिश्र को सम्मानित किया।
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प्रो. कृष्णमुरारि मिश्र हिंदी भाषा और साहित्य के क्षेत्र में योगदान के लिए जाने जाते हैं। उन्हें मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी ने अखिल भारतीय आचार्य रामचंद्र शुक्ल पुरस्कार से भी सम्मानित किया था। साथ ही उन्हें आगरा की नागरी प्रचारिणी सभा ने पं. ब्रजमोहन रावत पुरस्कार से सम्मानित किया।
प्रो कृष्णमुरारी मिश्र के बारे में
प्रो. कृष्णमुरारी मिश्र 50 से अधिक विदेश यात्राएं कर चुके हैं। वह विभिन्न भारतीय विश्वविद्यालयों तथा लोक सेवा आयोगों की चयन समितियों के सदस्य भी रहे हैं। उन्हें देश-विदेश के कई विश्वविद्यालयों में विजिटिंग फेलो के रूप में आमंत्रित किया। हिंदी आलोचना के क्षेत्र में प्रो. मिश्र को आद्यविम्बात्मक आलोचना नामक स्वतंत्र आलोचना संप्रदाय के प्रवर्तन का श्रेय प्राप्त है। यह संप्रदाय वर्तमान में हिंदी आलोचना और शोध की दिशा को प्रभावित कर रहा है।