एएमयू के पूर्व कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल जमीरउद्दीन शाह ने अपने कार्यकाल के दौरान उर्दू अकादमी का भवन देखा तो उन्हें यह बेहद खूबसूरत लगा। उन्होंने इस भवन में ही उर्दू विभाग को शिफ्ट करा दिया। तब से उर्दू विभाग इसी इमारत में संचालित हो रहा है।
18 वर्ष पहले बनी थीं तीन अकादमी
भारत सरकार ने 30 अक्तूबर 2006 को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली और मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी हैदराबाद में उर्दू अकादमी खोलने की सहमति दी थी। एएमयू ने 8 अक्तूबर 2006 को इसके लिए सेंटर फॉर प्रोफेशनल डेवलेपमेंट ऑफ उर्दू टीचर्स प्रोजेक्ट पेश किया था। यूजीसी ने इसको 30 अक्तूबर को मंजूरी दी थी। अक्तूबर 2006 से ही यह अकादमी अस्तित्व में आई थी।
शुरुआत में मिले थे चार-चार करोड़ रुपये
जामिया मिलिया विवि दिल्ली की उर्दू अकादमी के पूर्व निदेशक प्रो. गजनफर कहते हैं कि देश में तीन अकादमी की शुरुआत में सभी को एक साथ चार-चार करोड़ का बजट दिया गया था। यह रकम 2006 से 2008 तक दी गई। इसके बाद बीते आठ साल से कोई बजट नहीं मिला है।
-काजी अब्दुल सत्तार पदमश्री
-शहरयार, ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता
-अली सरदार जाफरी।
-रशीद सिद्दीकी।
मैं वर्ष 2016 से 2020 तक उर्दू अकादमी का निदेशक रहा। इस दौरान एक भी बार इस अकादमी को बजट नहीं मिला। लगभग आठ वर्ष से इसका बजट बंद है। जिससे यहां होने वाले सभी कार्यक्रम बंद हैं। उर्दू शिक्षकों को प्रशिक्षण नहीं मिल रहा है। जिससे उर्दू के विकास में बाधा हो रही है। भाषा का विकास नहीं रुकना चाहिए।-डॉ. राहत अबरार, पूर्व निदेशक उर्दू अकादमी एएमयू।
यूजीसी की ओर से कई स्कीम चलाई जाती हैं। जिनकी समय अवधि तय होती है। अधिकांश शैक्षणिक कार्यक्रम पांच वर्ष के होते हैं। जिसके बाद ये बंद हो जाते हैं। एडवांस स्टडी सेंटरों के अधिकांश कार्यक्रम पांच वर्ष के लिए थे, जो अब बंद हो चुके हैं। उर्दू अकादमी के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।-प्रो. मोहसिन, फाइनेंस अफसर एएमयू।
किसी भी भाषा के सतत विकास के लिए अध्ययन और शोध की जरूरत होती है। जब बजट नहीं मिलेगा तो ऐसे ही अकादमी बंद होती जाएंगी। ये उच्च शिक्षा के लिए सही नहीं है।-मो. सलमान गौरी, छात्र।
विवि इंतजामिया को इस दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए। जिससे बजट मिल सके और सर सैयद के सपनों को पूरा किया जा सके। उर्दू अकादमी को बजट दिया जाए।-फरीद मिर्जा, छात्र।
उर्दू एएमयू की पहचान है। अगर इसके विकास के लिए यहां कुछ नहीं होगा तो कहां होगा। हम सभी को इसके लिए प्रयास करना चाहिए। जिससे अकादमी चल सके।-यासिर अहमद, छात्र।
उर्दू अकादमी जैसे शिक्षण संस्थान बंद होंगे तो शिक्षकों को अपग्रेड कैसे किया जाएगा। ये बड़ा सवाल है। इस पर गंभीरता से विचार करना होगा। बजट मिलना चाहिए।-सआदत हसन मिंटो, छात्र।