लखनऊ तक जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन यहां के स्वास्थ्य केंद्रों की हालत ऐसी है कि मरीज हाजिर हैं, लेकिन सुविधाएं नदारद हैं। कहीं प्रसव के लिए डॉक्टर है तो अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं, कहीं एक्सरे मशीन है तो हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं है। खैर तहसील में ऑक्सीजन संयंत्र ही चार साल से बंद पड़ा है। अतरौली के बाद जिले की अन्य तहसीलों में भी दावों और हकीकत के बीच अंतर सामने लाती यह रिपोर्ट।
इगलास : बाहर से कराओ अल्ट्रासाउंड, फिर करेंगे प्रसूति
इगलास की स्वास्थ्य सेवाएं लोगों का भरोसा तोड़ रही हैं। यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसूति के लिए डॉक्टर है, लेकिन बिना अल्ट्रासाउंड गर्भ में भ्रूण की स्थिति का सटीक अनुमान लगाना संभव नहीं है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को पहले बाहर अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा जा रहा है, फिर प्रसूति पर डॉक्टर निर्णय ले रहे हैं। मंगलवार को हरौंथा निवासी विमलेश देवी अपनी बहू मीना को लेकर यहां पहुंचीं। पांच माह की गर्भवती मीना को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए बाहर जाना पड़ा। घर में किसी दूसरे बच्चे को खिलाते समय उसके पेट पर बच्चे ने लात मार दी जिसके बाद मीना को पीड़ा शुरू हुई। परिजन पहले हाथरस के प्राइवेट अस्पताल और फिर उन्हें आनन फानन में सीएचसी लाना पड़ा। यहां आकर डॉक्टर ने मीना की पूरी कहानी सुनी और सही फैसला लेने के लिए बाहर जाकर अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी जिसमें समय और रुपये दोनों खर्च हुए। इसी तरह यहां एक्सरे की सुविधा है, लेकिन उसकी रिपोर्ट देखने वाला हड्डीरोग विशेषज्ञ नहीं है। नाक, कान और गला में तकलीफ होने पर मरीजों को सीधे अलीगढ़ जाकर इलाज कराने की नसीहत मिल रही है।
- सीएचसी में एक्सरे की सुविधा तो उपलब्ध है, लेकिन हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं होने से बाहर जाना पड़ता है। यहां ऑर्थोपेडिक और ईएनटी विशेषज्ञ की तैनाती होनी चाहिए। - गेंदा सिंह निवासी चिरौली
- डॉक्टरों की कमी के बारे में विभान को जानकारी है। अल्ट्रासाउंड मशीन के लिए भी प्रस्ताव दिया है, लेकिन अब तक हमारे पास मशीन नहीं आई है। - ज्योति शर्मा, प्रभारी, सीएचसी इगलास
खैर : तीन दिन होंगे एक्सरे, बाकी दिन की गारंटी नहीं
खैर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की स्थिति ऐसी है कि वहां एक्सरे के लिए केवल एक तकनीशियन है। इनकी तीन दिन खैर और बाकी दिन टप्पल सीएचसी में ड्यूटी रहती है। जब तकनीशियन नहीं रहते तो उनकी गैर हाजिरी में एक्सरे बाहर से प्राइवेट केंद्रों पर करवाना पड़ता है। इगलास की तरह यहां भी अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं है जबकि डॉक्टर हाजिर है। कोरोना के समय 2021 में 30 लाख रुपये के खर्च से सरकार ने यहां ऑक्सीजन संयंत्र की स्थापना की ताकि मरीजों को समय पर ऑक्सीजन मिल सके, लेकिन कुछ ही समय बाद यह बंद हो गया जिसका कारण सीएचसी पर मौजूद कर्मचारियों को भी सही से स्पष्ट नहीं है। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की नियमित तैनाती नहीं है जिससे आपात स्थिति में विशेषज्ञ उपलब्ध न होने पर गर्भवती महिलाओं को अलीगढ़ रेफर करना पड़ रहा है।
. मुझे यहां आकर हर बार बाहर से अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी गई। जब भी पूछो तो कहते हैं कि शिविर में आ जाना, तब फ्री करवा देंगे। - शशि, निवासी अंडला
. पैर में चोट लगने के बाद यहां आया था, लेकिन एक्स-रे करने वाला ही नहीं था जिसकी वजह से मुझे वापस जाना पड़ा। प्राइवेट में नहीं करा सकता, इसलिए जब टेक्नीशियन आएगा तभी एक्स-रे के लिए आउंगा। -रामवीर निवासी अंडला
. एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, एक्स-रे टेक्नीशियन की नियमित व्यवस्था और अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराने के लिए विभाग को जानकारी दी है, लेकिन अभी तक इन सुविधाओं की पूर्ति नहीं हुई। आपातकालीन प्रसव के लिए अलीगढ़ रेफर कर रहे हैं। - डॉ. रोहित भाटी, सीएचसी अधीक्षक
गभाना : एक्सरे खराब, लैब टेक्नीशियन भी नहीं, 66% नर्सिंग पद भी खाली
गभाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक्सरे मशीन खराब होने से मरीजों को बाहर निजी केंद्रों पर एक्सरे कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। लेबर रूम के बाहर लगा पंखा भी खराब पड़ा है। यहां बाल रोग विशेषज्ञ, बेहोशी विशेषज्ञ और सर्जन की कमी है। वर्तमान में अधीक्षक समेत केवल चार चिकित्सक ही मरीजों का उपचार कर रहे हैं। इसी तरह 12 पद स्वीकृत होने के बावजूद यहां चार नर्स तैनात हैं। लैब टेक्नीशियन भी नहीं है। अस्पताल परिसर में जगह-जगह घास उगी हुई है और बारिश का पानी भरा होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका है।
- एक्सरे मशीन खराब है, मजबूरी में बाहर से एक्सरा करना पड़ रहा है। सीएचसी पर इसकी व्यवस्था होनी चाहिए। - राधेश्याम
- खांसी-सर्दी के चलते मुझे यहां आना पड़ा, लेकिन काफी देर इंतजार के बाद भी सिरप नहीं मिला। - रामबती
. एक्सरे मशीन खराब होने की जानकारी जिला मुख्यालय को दे दी गई है। एक्सरे व लैब टेक्नीशियन की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। अस्पताल में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं। - डॉ. राहुल कुमार, सीएचसी अधीक्षक