इगलास कोतवाली क्षेत्र के गांव कैमावली में पशुपतिनाथ मंदिर पर सेवा कर रहे संत ने ही शिव परिवार की प्रतिमाओं काे खंडित कर दिया। इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने आरोपी संत को गिरफ्तार कर लिया है।
गांव कैमावली निवासी कन्हैयालाल का गांव से बाहर निजी मंदिर है। मंदिर पर पिछले 22 फरवरी से महाराष्ट्र के अहमद नगर के थाना राउड़ी क्षेत्र के वरवंडी निवासी स्वामी विश्वेश्वरानंंद सेवा कर रहे हैं। मंगलवार की शाम ग्रामीण मंदिर पर पहुंचे तो शिव परिवार की प्रतिमाएं खंडित पड़ी हुई थीं। संत ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा प्रतिमाएं खंडित की गई हैं। सख्ती से पूछने पर संत ने स्वीकार कर लिया कि उसने ही दोपहर के समय मूर्तियों को खंडित कर दिया था।
सीओ कमलेश कुमार का कहना है कि कन्हैयालाल के प्रार्थना पत्र पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। विधिक कार्रवाई कर उसे जेल भेजा जाएगा।
सिर्फ शिव का है उपासक, शिव का परिवार नहीं लगता अच्छा
आरोपी का कहना है कि उसने 30 वर्ष पहले सन्यास ग्रहण किया था। वह सिर्फ शिव को मानते हैं, शिव के साथ परिवार की प्रतिमाएं उन्हें सही नहीं लगती हैंं। इसलिए प्रतिमाओं को तोड़कर हटा दिया।
सीओ कमलेश कुमार का कहना है कि कन्हैयालाल के प्रार्थना पत्र पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है। विधिक कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेजा जाएगा।