महानगर के क्वार्सी क्षेत्र के जाकिर नगर में शनिवार देर रात हुए एएमयू छात्र की हत्या के मामले में पुलिस को सीसीटीवी से महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। घटना स्थल के पास एक सराफ की दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी में चार युवक कैद पाए गए हैं, जिनमें से तीन के मुंह तो बंधे हुए हैं और चौथा चश्मा लगाए खुले मुंह भागते दिखा है। चारों की पहचान कराने का काम पुलिस ने तेज कर दिया है। शाहबेज हत्याकांड से जोड़कर ही जांच शुरू कर दी है। वहीं दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया।
एएमयू में ही बतौर संविदाकर्मी तैनात जाकिर नगर गली नंबर पांच निवासी जमील अहमद उर्फ पप्पू का इकलौता आतिफ देर रात करीब 10: 30 बजे अपने दोस्त जैद संग स्कूटी पर शमशाद मार्केट से घर लौट रहा था। तभी गली नंबर चार के पास हमलावरों ने घेरकर फायरिंग कर दी। हमले में आतिफ की मौत हो गई। रविवार को पोस्टमार्टम के दौरान पता चला कि आतिफ पर पीछे से हमला हुआ और उसके तीन गोलियां कंधे में, पीठ में और कमर में लगी हैं। पीठ के जरिये शरीर में घुसी गोली ने उसकी जान ली है।
दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंपा गया और पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कराया गया। इधर, पिता ने अज्ञात लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं पुलिस ने घटनास्थल के आसपास जांच करते हुए एक सीसीटीवी से फुटेज प्राप्त किए हैं, जिसमें चार युवक कैद हैं। एक युवक चश्मा लगाए मुंह खोले हुए पहले से खड़ा है और फोन पर बात कर रहा है। उसके फोन के इशारे पर तीन मुंह बांधे युवक पीछे से आते हैं और वे चारों एक साथ भागते हैं।
पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि मौके पर आधा दर्जन से अधिक युवक थे। इंस्पेक्टर क्वार्सी छोटेलाल के अनुसार अभी हत्याकांड की कई पहलुओं पर जांच की जा रही है। फुटेज में कैद पाए गए चेहरों की पहचान कराई जा रही है। हां, अभी तक की जांच में शाहबेह हत्याकांड के बदले में हत्या होने का अंदेशा है। बाकी रविवार को परिवार से बात नहीं हो पाई। अब सोमवार को परिवार से बातचीत के बाद आगे जांच को बढ़ाया जाएगा।