अलीगढ़ के दादों क्षेत्र में पांच वर्ष पहले हुए एक चर्चित हत्याकांड में बेकसूरों को फंसाने के आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। बार-बार समन और गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद भी गवाही के लिए उपस्थित न होने पर अदालत ने इंस्पेक्टर गोविंद वल्लभ शर्मा का वेतन रोकने का आदेश जारी किया है।
आरोपी इंस्पेक्टर वर्तमान में कासगंज जिले के ढोलना थाने में प्रभारी के पद पर तैनात हैं। घटना 24 जनवरी 2021 की है, जब दादों थाना क्षेत्र में एक युवक की लूट के बाद हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि तत्कालीन पुलिस टीम ने इस मामले की गलत विवेचना करते हुए पहले से ही जेल में बंद भगवती उर्फ कालीचरण और कोमल सहित चार अन्य निर्दोष लोगों को इस संगीन जुर्म का आरोपी बना दिया और उनके खिलाफ जल्दबाजी में चार्जशीट भी दाखिल कर दी।
पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ कालीचरण की पत्नी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद तत्कालीन थाना प्रभारी गोविंद वल्लभ शर्मा समेत 10 पुलिसकर्मियों के खिलाफ साजिश रचने और बेकसूरों को फंसाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
लूट और हत्या का यह मामला वर्तमान में अलीगढ़ न्यायालय में विचाराधीन है। इस केस में तत्कालीन विवेचक और मुख्य साक्षी इंस्पेक्टर गोविंद वल्लभ शर्मा की गवाही होनी अनिवार्य है। अदालत द्वारा उन्हें कई बार समन, नोटिस और यहां तक कि गैर-जमानती वारंट भी जारी किए गए, लेकिन वे कोर्ट में हाजिर नहीं हुए।
इंस्पेक्टर के इस रवैये पर नाराजगी जताते हुए न्यायालय ने कासगंज के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और कोषाधिकारी को पत्र भेजकर सख्त निर्देश दिए हैं। आदेश के मुताबिक, जब तक इंस्पेक्टर कोर्ट में उपस्थित होकर अपनी साक्ष्य प्रक्रिया पूरी करने का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं करते, तब तक उनका वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाए।