खड़ी ही नहीं, कटी फसल भी बर्बाद
किसानों का कहना है कि इस बार नुकसान सिर्फ खड़ी फसल तक सीमित नहीं रहा। जो गेहूं कटकर तैयार था, वह भी खराब हो गया। खेतों में पानी भरने से दाने काले पड़ने और सड़ने का खतरा बढ़ गया है। मक्का, मूंग, मटर, टमाटर, पालक और धनिया जैसी फसलें भी इस मार से नहीं बच सकीं। आम के बागों में भी ओलों और बारिश से नुकसान हुआ है। गांव बेरा जरारा के किसान थान सिंह बताते हैं कि मंडी ले जाते वक्त ही बारिश आ गई। ढंकने के बाद भी गेहूं भीग गया, अब दाम भी कम मिलेंगे।
राजस्व टीमें कर रहीं नुकसान का सर्वे
एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रमोद कुमार के अनुसार, बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए सोमवार से जिले की सभी तहसीलों में राजस्व टीमों को लगाया है। लेखपाल और कानूनगो स्तर की टीमें गांव-गांव जाकर खेतों का निरीक्षण करेंगी और रिपोर्ट तैयार करेंगी। इसके आधार पर प्रभावित किसानों को शासन की ओर से राहत दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बताया कि सर्वे कार्य को तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसानों को समय पर मदद मिल सके।