सत्ता और पुलिस में पैंठ के मद में चूर अवैध ट्रांसपोर्टर दीनानाथ यादव ने आखिरकार शुक्रवार को अदालत में समर्पण कर दिया। साथ ही अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। पहले सीजेएम कोर्ट से और बाद में जिला जज की अदालत से उसकी याचिका खारिज हुई। जिसके बाद दीनानाथ यादव को जेल भेज दिया गया है। उसकी जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 14 जून को होगी।
शाहकमाल रोड पर कर चोरी संबंधी खबर पर काम कर रहे मीडियाकर्मियों के साथ दीनानाथ यादव और उसके गुर्गों ने मारपीट कर दी थी और हमला बोल दिया था। मीडिया कर्मियों का मोबाइल छीन कर उनकी बाइक गायब कर दी गई थी। यही नहीं उसने अपने ट्रक ड्राइवर से मीडिया कर्मियों पर ट्रक चढ़वाने का भी प्रयास किया था। इस मामले में उसका पर्दे के पीछे से सहयोग करने वाले दो लैपर्ड सिपाहियों को तत्कालीन एसएसपी जे रविंद्र गौड़ ने लाइन हाजिर कर दिया था। घटना के वक्त एसओ सहित दूसरे पुलिस कर्मियों को देख कर दीनानाथ यादव वहां से खिसक गया था और अभी तक लगातार फरार चल रहा था। इस मामले में बाद में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और उसके दो गुर्गों को जेल भेज दिया। अवैध ट्रांसपोर्ट से जुड़े दीनानाथ को पिछले कुछ समय से सत्ता और पुलिस की पैंठ का गुरूर है। दीनानाथ प्रकरण में मीडियाकर्मियों की ओर से शासकीय अधिवक्ता अफसार किदवई, नीरज चौहान एडवोकेट, दीपक बंसल एडवोकेट और प्रवीण शर्मा एडवोकेट का विशेष सहयोग रहा, जिन्होंने इस मामले में सख्त पैरवी करते हुए दीनानाथ यादव को कानून के हवाले करने में मदद की।