सरकारी आवास से निकाले गए दरवाजे। संवाद
नगर निगम के दोदपुर में बने जिन सरकारी आवासों को हाल ही में खाली कराया गया है, कब्जेदार उनसे दरवाजे, खिड़कियां व चाैखट तक उखाड़कर ले गए। यह स्थिति कब्जा हटने के बाद नगर निगम के अधिकारियों के निरीक्षण में सामने आई है। इससे निगम को लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
अधिकारियों ने पाया कि कब्जाधारियों ने आवासों को अपने निजी इस्तेमाल के लिए बदल दिया था। जब उन्हें बेदखली का नोटिस मिला, तो उन्होंने बदले की भावना से या सामान बेचने के इरादे से तोड़फोड़ की। कई आवासों की छतें भी क्षतिग्रस्त की गई हैं।
बिजली के तार और पानी के पाइप भी उखाड़ लिए गए हैं और लोहे के दरवाजे, खिड़कियां और अन्य फिटिंग भी निकाल लीं। निगम अधिकारियों ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
नगर आयुक्त प्रेमप्रकाश मीणा ने बताया कि इन आवासों की मरम्मत और पुनर्निर्माण का आकलन शुरू कर दिया गया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगम खाली पड़े आवासों की सुरक्षा बढ़ाने और जल्द ही जरूरतमंद कर्मचारियों को आवंटित करने की योजना है।
गौरतलब है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने नगर निगम के सिविल लाइन थाने के पीछे दोदपुर में 45 सरकारी आवासों पर दशकों से किए गए अवैध कब्जों को अवैध करार दिया है। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं की अपील को खारिज करते हुए नगर निगम को नियमानुसार कार्रवाई करने का अधिकार दिया है।